कार्यपरिषद की बैठक पर टिकी रहीं हजारों निगाहें

क्या विज्ञापन संख्या 37/यूपीयूएमएस/पैरामेडिकल/फार्मेसी/2024-25 की पैरामेडिकल कॉलेज सैफई की भर्ती में पात्र अभ्यर्थियों को मिलेगा न्याय

सैफई,इटावा। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई में मंगलवार को आयोजित कार्यपरिषद की बैठक पर विश्वविद्यालय परिवार,अभ्यर्थियों एवं शिक्षा जगत की विशेष निगाहें टिकी रहीं। विशेष रूप से विगत 20 जून2024 को जारी विज्ञापन संख्या 37/यूपीयूएमएस/पैरामेडिकल/फार्मेसी/2024-25 के अंतर्गत सहायक आचार्य (असिस्टेंट प्रोफेसर), सह-आचार्य (एसोसिएट प्रोफेसर) एवं आचार्य (प्रोफेसर) पदों पर हुई भर्ती को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद और शिकायतों के कारण यह बैठक चर्चा का प्रमुख विषय बनी रही।

इस भर्ती प्रक्रिया के संबंध में अनेक अभ्यर्थियों द्वारा विभिन्न स्तरों पर शिकायतें प्रस्तुत की गई थीं। शिकायतकर्ताओं ने चयन प्रक्रिया में शैक्षणिक अर्हता,शिक्षण अनुभव, एपीआई स्कोर,जाति प्रमाण-पत्र तथा अन्य अभिलेखों के संबंध में नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए थे। इन्हीं शिकायतों के आधार पर विश्वविद्यालय द्वारा जांच कराई गई। बताया जाता है कि जांच रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप दी गई है,किंतु इस प्रकरण में अभी तक अंतिम प्रशासनिक निर्णय सार्वजनिक नहीं किया गया है।

इसी कारण मंगलवार 30 जून 2026 की कार्यपरिषद की बैठक से उन अभ्यर्थियों को विशेष उम्मीद थी, जिन्होंने दावा किया है कि वे विज्ञापन में निर्धारित सभी योग्यताएँ पूरी करने के बावजूद चयन से वंचित रह गए। उनका कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता पाई गई है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए, और यदि शिकायतें निराधार हैं तो विश्वविद्यालय को भी अपनी स्थिति स्पष्ट रूप से सार्वजनिक करनी चाहिए।

विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद विश्वविद्यालय की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है। ऐसे में इस बैठक से यह अपेक्षा की जा रही थी कि विज्ञापन संख्या 37/यूपीयूएमएस/पैरामेडिकल/फार्मेसी/2024-25 से जुड़े भर्ती प्रकरण पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे। विश्वविद्यालय की निष्पक्षता,पारदर्शिता और शैक्षणिक गरिमा बनाए रखने के लिए इस प्रकरण का समयबद्ध एवं नियमसम्मत निस्तारण अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है।

इस पूरे प्रकरण के बीच सभी पात्र अभ्यर्थियों की उम्मीदें अब विश्वविद्यालय के नए प्रशासन एवं नए कुलपति से जुड़ी हुई हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि नया प्रशासन निष्पक्षता, पारदर्शिता और विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए सभी तथ्यों एवं जांच रिपोर्ट पर गंभीरता से विचार करेगा तथा पात्र अभ्यर्थियों के साथ न्याय सुनिश्चित करेगा। उनका मानना है कि निष्पक्ष एवं पारदर्शी निर्णय न केवल योग्य अभ्यर्थियों का विश्वास बहाल करेगा, बल्कि विश्वविद्यालय की साख,विश्वसनीयता और शिक्षा व्यवस्था की गरिमा को भी नई मजबूती प्रदान करेगा।

अब सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि क्या आज मंगलवार 30 जून 2026 की कार्यपरिषद की बैठक विज्ञापन संख्या 37/यूपीयूएमएस/पैरामेडिकल/फार्मेसी/2024-25 के अंतर्गत पैरामेडिकल कॉलेज,सैफई में हुई भर्ती प्रक्रिया के संबंध में न्याय की दिशा में नई शुरुआत साबित होगी, अथवा पात्र अभ्यर्थियों को अभी और प्रतीक्षा करनी पड़ेगी? इसका उत्तर विश्वविद्यालय के आगामी आधिकारिक निर्णयों से ही स्पष्ट होगा।

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