तेजस्वी यादव के ‘MY’ समीकरण में लगा सेंध, ये Exit Poll देख RJD में मची खलबली

Bihar Exit Poll 2025: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले आए एग्जिट पोल में एनडीए को बड़ी जीत का अनुमान है। टुडेज चाणक्य सर्वे के अनुसार भाजपा-जेडीयू गठबंधन को करीब 160 सीटें मिल सकती हैं, जबकि आरजेडी महागठबंधन को भारी नुकसान होने की आशंका है।

Bihar Exit Poll 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा शुक्रवार को होगी। इससे पहले आए तमाम एग्जिट पोल ने राज्य की राजनीतिक तस्वीर साफ कर दी है। ज्यादातर सर्वे में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार बनने का मजबूत अनुमान है। गठबंधन का नेतृत्व वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कर रहे हैं।

टुडेज चाणक्य एग्जिट पोल के आंकड़े एनडीए के लिए बड़ी जीत का संकेत दे रहे हैं। इस सर्वे के अनुसार भाजपा-जेडीयू गठबंधन को बिहार में 160 के आसपास सीटें मिल सकती हैं। दूसरी ओर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की अगुवाई वाले महागठबंधन को भारी नुकसान होने की आशंका है। विपक्षी गठबंधन केवल 77 सीटें हासिल कर सकता है। अन्य छोटे दलों या निर्दलियों के खाते में छह सीटें जाने का अनुमान है। टुडेज चाणक्य ने सिर्फ सीटों का नहीं बल्कि जाति के आधार पर वोटिंग के रुझानों का भी विस्तृत विश्लेषण किया है।

NDA ने लगाई कोर वोट बैंक में सेंध

टुडेज चाणक्य के एग्जिट पोल से पता चलता है कि भाजपा गठबंधन ने लोकसभा चुनाव की तर्ज पर इस बार भी आरजेडी के मुख्य वोट बैंक में सेंध लगा दी है। आरजेडी को पारंपरिक रूप से मुस्लिम और यादवों की पार्टी माना जाता है।

यादव वोट बैंक में बंटवारा: सर्वे के मुताबिक आरजेडी को 67 प्रतिशत यादवों का समर्थन मिल रहा है। जबकि भाजपा-जेडीयू गठबंधन ने यहां भी सेंधमारी करते हुए 23 प्रतिशत मत हासिल किए हैं।

ओबीसी-ईबीसी का अटूट समर्थन: पिछले कुछ चुनावों की तरह इस बार भी अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) का झुकाव स्पष्ट रूप से भाजपा की तरफ दिख रहा है। एग्जिट पोल (Bihar Exit Poll 2025) के अनुसार इन दो प्रमुख वर्गों के लगभग 55 प्रतिशत वोट भाजपा गठबंधन को मिल रहे हैं। महागठबंधन को मात्र 24 प्रतिशत मतों से संतोष करना पड़ रहा है। यह आंकड़ा दिखाता है कि बिहार की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाने वाला यह वर्ग एनडीए के पक्ष में मजबूती से खड़ा है।

अनुसूचित जाति भी NDA के साथ: बिहार में अनुसूचित जाति पर भी भाजपा गठबंधन का प्रभाव साफ नजर आता है। सर्वे के अनुमान के मुताबिक भाजपा के खाते में इस वर्ग के 58 प्रतिशत मत जा सकते हैं। आरजेडी को यहां भी निराशा मिली है। महागठबंधन को केवल 26 प्रतिशत वोट मिलते दिख रहे हैं।

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अगड़ी जातियों का बंपर समर्थन: टुडेज चाणक्य ने ब्राह्मण बनिया और राजपूत जैसी अगड़ी जातियों के वोटिंग ट्रेंड का भी सर्वे किया है। इन जातियों का 63 प्रतिशत वोट भाजपा-जेडीयू गठबंधन को जा रहा है। आरजेडी गठबंधन को यहां केवल 19 प्रतिशत ही मिल रहे हैं। इन्हें पारंपरिक रूप से एनडीए का समर्थक माना जाता है।

मुस्लिमों का सहारा महागठबंधन: तेजस्वी यादव की आरजेडी के लिए एक ही राहत की बात है कि मुस्लिम मतदाता उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्हें मुस्लिम वोटों का 69 प्रतिशत मिलता दिख रहा है। वहीं भाजपा-जेडीयू गठबंधन को इस वर्ग में मात्र 12 प्रतिशत से संतोष करना पड़ा है।

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