ईवीएम नहीं, बैलेट पेपर पर हुआ मुकाबला! कांग्रेस की ऐसी करारी हार देख उड़ गए सबके होश

Silchar Municipal Corporation Election Result: असम के सिलचर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस को बड़ा चुनावी झटका लगा है। स्थानीय निकाय के ये चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बजाय मतपत्रों (बैलेट पेपर) से कराए गए थे, फिर भी कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। इस चुनावी नतीजे के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी अब बैलेट पेपर पर भी जीत दर्ज करने की स्थिति में नहीं बची है, जबकि राजधानी दिल्ली में पार्टी ईवीएम हटाकर मतपत्रों से चुनाव कराने के लिए सड़कों पर उतर रही है।
मुख्यमंत्री सरमा ने नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बैलेट पेपर पर कांग्रेस की हार और भी ज्यादा बड़ी और स्पष्ट हुई है। उन्होंने कहा कि अक्सर यह तर्क दिया जाता है कि लोग ईवीएम देखकर भ्रमित हो जाते हैं या नोटा दबा देते हैं, लेकिन बैलेट पेपर पर तो हर मतदाता सोच-समझकर मुहर लगाता है। सरमा ने दावा किया कि जब-जब बैलेट पेपर से निष्पक्ष मतदान होगा, कांग्रेस को जनता इसी तरह पूरी तरह नकार देगी।
सिलचर के सामाजिक समीकरणों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में कम से कम 10 वार्ड धार्मिक अल्पसंख्यक बहुल थे, जहां कांग्रेस अपनी जीत तय मानकर चल रही थी। इन 10 सीटों पर भी कांग्रेस को जनता का भरोसा नहीं मिला। कांग्रेस महज 2 सीटों पर सिमट गई, जबकि 5 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने बाजी मारी। इस तरह भाजपा-एजीपी गठबंधन पहले, निर्दलीय दूसरे और कांग्रेस तीसरे पायदान पर खिसक गई। सरमा ने कहा कि अब यह साबित हो चुका है कि कांग्रेस चाहे मशीन पर लड़े या मतपत्र पर, जनता का फैसला साफ है।
सिलचर नगर निगम के कुल 42 वार्डों में से वार्ड संख्या 9 और 20 पर भाजपा प्रत्याशी बिजेंद्र प्रसाद सिंह और भक्ति सेन तालुकदार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे। शेष 40 वार्डों के लिए 3 अक्टूबर को मतदान कराया गया था। चुनावी नतीजों में भारतीय जनता पार्टी ने एकतरफा प्रदर्शन करते हुए 32 सीटों पर परचम लहराया, वहीं सहयोगी दल असम गण परिषद (एजीपी) ने 2 सीटें हासिल कीं। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस केवल 2 वार्डों में ही जीत सकी, जबकि 6 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की।
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एक तरफ असम में मतपत्रों के जरिए हुए चुनाव में कांग्रेस की शिकस्त हुई, वहीं दूसरी ओर दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन बैलेट पेपर की बहाली को लेकर मुखर है। खरगे ने मांग रखी है कि चुनावी प्रक्रिया में जनता का भरोसा लौटाने के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त का इस्तीफा, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को रद्द करना और मतपत्रों से चुनाव कराना जरूरी शर्तें हैं। इसी मुद्दे पर हाल ही में दिल्ली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और केसी वेणुगोपाल समेत कई विपक्षी दिग्गजों ने निर्वाचन आयोग तक पैदल मार्च और धरना प्रदर्शन किया था।



