राजस्व विभाग पर रिश्वत मांगने का गम्भीर आरोप

किसान ने डीएम को जांच के लिए सौंपा शिकायती पत्र

इटावा। इटावा जनपद में एशिया के सबसे बड़े और पहले विकास खण्ड महेवा क्षेत्र के जागरूक किसान राधेश्याम ने क्षेत्र के लेखपाल सहित राजस्व विभाग के अधिकारियों पर रिश्वत मांगने और उसकी पैतृक भूमि को विवादित करने का आरोप लगाते हुए इटावा के जिलाधिकारी को एक शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपा है। पीड़ित किसान ने मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ता किसान कुन्नू,श्रीकृष्ण एवं राधेश्याम पुत्र नाथूराम ने बताया कि उनकी पैतृक भूमि विकास खंड महेवा में हाईवे किनारे स्थित है,जहां वे प्लॉटिंग का कार्य कर रहे हैं। आरोप है कि कुछ दिन पहले क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा उनसे दो लाख रुपये नकद और एक प्लॉट की मांग की है। किसान का दावा है कि लेखपाल ने यह भी कहा कि उक्त राशि संबंधित राजस्व अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी।

किसान के अनुसार,जब उन्होंने कथित रिश्वत देने से इनकार कर दिया तो उनकी जमीन को विवादित बनाने का प्रयास किया गया। आरोप यह भी है कि राजस्व विभाग की टीम ने हाईवे किनारे नाली होने का दावा करते हुए उनकी प्लॉटिंग के बीच से जेसीबी मशीन द्वारा खुदाई कराई। किसान का कहना है कि कार्रवाई के दौरान उन्हें पुलिस हिरासत में भी लिया गया।

शिकायत में किसान ने कहा है कि यदि वास्तव में वहां नाली मौजूद है तो उसकी स्पष्ट पैमाइश के साथ चिन्हिकरण कराया जाए। उनका आरोप है कि न तो आगे और न ही पीछे किसी अन्य स्थान पर नाली का सीमांकन किया गया, बल्कि केवल उनकी जमीन को ही निशाना बनाया गया।

किसान ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी जमीन के पास कुछ प्लॉट ऐसे लोगों के हैं जो पूर्व में जिले में तैनात रहे एक तहसीलदार से जुड़े बताए जाते हैं। उनका कहना है कि उन प्लॉटों को बचाने के लिए उनकी जमीन के बीच से जबरन नाली निकालने का दबाव बनाया जा रहा है। पीड़ित किसानों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की हैं।

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