‘एनिमल’ वाली छवि बनी रोड़ा, रणबीर की राम के किरदार में कास्टिंग पर उठे सवाल

Ramayan movie casting controversy: नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित और मेगा बजट फिल्म ‘रामायण’ में भगवान श्रीराम के किरदार के लिए अभिनेता रणबीर कपूर की कास्टिंग पर अब सवाल उठने लगे हैं। लीजेंड्री निर्देशक रामानंद सागर के पोते शिव सागर ने इस चुनाव को लेकर अपनी आपत्ति खुलकर जाहिर की है।

उनका मानना है कि फिल्म ‘एनिमल’ (2023) में रणबीर कपूर की जिस तरह की आक्रामक और ग्रे शेड वाली छवि पर्दे पर उभरी है, उसे देखने के बाद उन्हें इस महानायक रूप में स्वीकार करना मानसिक रूप से काफी कठिन लगता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी यह आपत्ति रणबीर की अभिनय प्रतिभा या क्षमता पर बिल्कुल नहीं है, बल्कि उनकी ऑन-स्क्रीन इमेज को लेकर है।

स्टार पावर और मार्केटिंग रणनीति पर उठाए सवाल, नए चेहरे की थी वकालत

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिव सागर ने कहा कि फिल्म की बाकी स्टार कास्ट उन्हें काफी हद तक पसंद आई है, लेकिन भगवान राम की भूमिका के लिए किसी नए और बेदाग चेहरे को चुना जाना चाहिए था। उनका यह भी मानना है कि फिल्म निर्माताओं द्वारा रणबीर कपूर को साइन करने के पीछे विशुद्ध रूप से एक मजबूत मार्केटिंग रणनीति हो सकती है, क्योंकि आज के समय में उनकी भारी-भरकम स्टार पावर से फिल्म को लेकर सोशल मीडिया और बॉक्स ऑफिस पर हाइप और चर्चा तेजी से बढ़ती है।

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साई पल्लवी और यश की कास्टिंग की सराहना, कहा- जनता ही असली राजा है

शिव सागर ने फिल्म में माता सीता के किरदार के लिए चुनी गईं अभिनेत्री साई पल्लवी और रावण की भूमिका निभाने वाले साउथ सुपरस्टार यश की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि साई पल्लवी जैसी अभिनेत्रियों को चुनना एक बेहतर फैसला है जिनकी पुरानी या विवादित फिल्मी छवि नहीं रही है। हालांकि, अंत में उन्होंने यह भी माना कि उनकी यह व्यक्तिगत राय है और असली फैसला हमेशा दर्शकों का ही होता है। उनके मुताबिक, अगर आने वाले समय में जनता रणबीर कपूर को भगवान राम के रूप में पर्दे पर पसंद करती है, तो फिर किसी की भी व्यक्तिगत आपत्तियों का कोई मतलब नहीं रह जाएगा क्योंकि सिनेमा जगत में जनता ही सर्वोपरि राजा होती है।

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