वृद्धा की हत्या में गांव का ही निकला नाबालिग कातिल
नवंबर 19 को सरसों के खेत में मिला था वृद्ध महिला का शव

जसवंतनगर,इटावा। जसवंतनगर क्षेत्र के मोहकम नगर खेड़ा सिंघावली ग्राम पंचायत जसोहन में बीते 19 नवंबर को गांव से ही कुछ दूरी पर स्थित सरसों के खेत में सरसों का साग लेने गई एक 75 वर्षीय राममूर्ति की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि इस नृशंस वारदात को किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि गांव के ही एक नाबालिग ने योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया था।
मामले के उजागर होने पर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए।मामले की जड़ घटना से करीब 15 दिन पहले की एक चोरी से जुड़ी है। पुलिस के अनुसार मृतका अपने ही घर में एक छोटी सी दुकान किए हुए है।घटना से करीब 15 दिन पूर्व नाबालिग ने राममूर्ति की गुल्लक से 40 रुपये चोरी कर लिए थे। चोरी करते समय राममूर्ति के पति सूरतराम ने उसे पकड़ लिया और पत्नी को बताया। महिला राममूर्ति ने यह बात आरोपी के पिता को बताई, जिसके बाद पिता ने बेटे की पिटाई की।
इस दौरान राममूर्ति ने बीच-बचाव कर नाबालिग को छुड़ाया और नाबालिक से चोरी किये ₹40 भी वापस कराये। इसी बात से आहत होकर नाबालिग के मन में उनके प्रति गहरी रंजिश पैदा हो गई, जो आगे चलकर हत्या की वजह बनी। जांच में पता चला कि उसी दिन से आरोपी राममूर्ति की दिनचर्या पर नजर रख रहा था।
घटना वाले दिन राममूर्ति सरसों का साग लेने खेत की ओर गई थीं। तभी आरोपी साइकिल से वहां पहुंचा और बातचीत के बहाने उन्हें पास के दूसरे खेत में ले गया। वहां उसने पहले उन्हें धक्का देकर गिराया,गला दबाकर बेहोश किया और फिर ईंट से सिर पर कई वार कर उनकी हत्या कर दी।
वारदात की घटना ने पूरे गांव को हिला दिया। थानाध्यक्ष कमल भाटी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने नाबालिग को सिंघावली पुलिया के पास से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली। सीओ आयुषी सिंह ने बताया कि आरोपी नशे की लत से ग्रसित है और अनुशासनहीनता के चलते 9वीं कक्षा से एक स्कूल से निकाल दिया गया था।सूत्रों के अनुसार आरोपी के पिता के दो बेटे हैं और परिवार के पास करीब 27 बीघा कृषि भूमि है। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए नाबालिग को संरक्षण गृह भेज दिया है।



