फर्जी अस्पतालों और अफसरशाही पर सख्त हुए सांसद राजीव राय, कहा – अब और चुप नहीं बैठेगी जनता
राजीव राय ने इस दौरान जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए चार अहम मांगें रखीं

मऊ जिले में तेजी से पनप रहे फर्जी अस्पतालों और प्रशासनिक अफसरों की मनमानी के खिलाफ घोसी सांसद राजीव राय ने मोर्चा खोल दिया है।
सोमवार को सांसद राजीव राय जिला मुख्यालय पहुंचे और जिलाधिकारी से मुलाकात कर जनता की पीड़ा और आक्रोश उनके सामने रखा। इस दौरान उन्होंने न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए बल्कि कुछ अफसरों पर मनमानी और दुर्व्यवहार के भी गंभीर आरोप लगाए।
सांसद ने कहा कि मऊ कभी अपने वरिष्ठ और अनुभवी डॉक्टरों की वजह से पूर्वांचल का हेल्थ हब कहलाता था। लोग दूर-दराज से इलाज कराने आते थे। लेकिन आज हालात यह हैं कि जगह-जगह बिना पंजीकरण वाले अस्पताल खुल गए हैं, जहां न योग्य डॉक्टर हैं और न ही सही इलाज की सुविधा।
गरीब और मजबूर मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर यही स्थिति रही तो मऊ की पहचान पूरी तरह मिट जाएगी।
राजीव राय ने इस दौरान जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए चार अहम मांगें रखीं—
- 1. जिले में चल रहे फर्जी अस्पतालों की तत्काल जांच कर बंदी की जाए।
- 2. मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो।
- 3. पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाया जाए।
- 4. प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जनता अब और चुप नहीं बैठेगी। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे आम जनता और कार्यकर्ताओं के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष दूधनाथ यादव, कई सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नेता भी मौजूद रहे। वहीं जिलाधिकारी ने सांसद को आश्वस्त किया कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
सांसद राजीव राय की यह सक्रियता जिले की राजनीति और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों पर बड़ा असर डाल सकती है।
जहां एक ओर फर्जी अस्पतालों के खिलाफ जनता की आवाज बुलंद हो रही है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना यह होगा कि सांसद की चेतावनी और जनता की आवाज पर जिलाधिकारी कितनी जल्दी और कितनी सख्ती से कार्रवाई करते हैं। -सुजीत कुमार मऊ



