आज की यादें, 2040 की विरासत: नेहरू वर्ल्ड स्कूल ने दबाया 13वां टाइम कैप्सूल

गाजियाबाद। नेहरू वर्ल्ड स्कूल, गाजियाबाद के प्रांगण में बुधवार, 13 अगस्त 2025 को सुबह 11:30 बजे स्कूल के 13वें टाइम कैप्सूल को जमीन में सुरक्षित रूप से दबाया गया। इस टाइम कैप्सूल में शैक्षिक सत्र 2025-26 से जुड़ी महत्वपूर्ण वस्तुओं, दस्तावेजों, तस्वीरों और यादों को संजोकर रखा गया है। इसे अगस्त 2040 में 14 वर्ष बाद खोला जाएगा।
टाइम कैप्सूल में कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों की कला से जुड़ी कृतियां, पेंटिंग्स, क्राफ्ट आइटम, सॉफ्ट खिलौने, गुड़िया, स्कूल की वर्तमान स्टेशनरी, विभिन्न कार्यक्रमों के फोटो, विद्यार्थियों के विवरण, स्कूल डायरी तथा छात्रों और शिक्षकों द्वारा भविष्य के लिए लिखे गए संदेश और फोन नंबर शामिल किए गए हैं।
इसके अलावा वर्तमान समय के समाचार पत्रों की प्रतियां, स्कूल कार्यक्रमों की मीडिया कवरेज, कैम्ब्रिज-10 का पहला परीक्षा परिणाम, पुराना नोकिया मोबाइल फोन, सभी कक्षाओं के फोटो, स्कूल की गतिविधियों के वीडियो, वर्तमान मुद्रा व सिक्के, डाक टिकट, खिलौने, पहचान पत्र, बेंच, बर्तन, परीक्षा प्रश्न-पत्र, फोटो फ्रेम, वार्षिक एवं मासिक पाठ्यक्रम योजनाएं, परीक्षा तिथियां और दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाली अनेक वस्तुओं को भी कैप्सूल में सुरक्षित किया गया।
इस अवसर पर स्कूल की एग्जीक्यूटिव हेड सुश्री सुसन होम्स ने कहा कि टाइम कैप्सूल स्कूल की परंपरा से आगे बढ़कर दो पीढ़ियों के बीच एक पुल का काम करेगा। 2040 में जब इसे खोला जाएगा, तब शिक्षक और विद्यार्थी आज की रचनात्मकता, जीवन मूल्यों और सीखने की जिज्ञासा को समझ सकेंगे। साथ ही उस समय की दुनिया और आज के समय के बीच हुए बदलाव और प्रगति का भी पता चलेगा।
प्रधानाचार्या मंजुता सिंह ने टाइम कैप्सूल को भविष्य में विद्यार्थियों और स्कूल की जड़ों से जुड़े रहने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
नेहरू वर्ल्ड स्कूल पिछले 13 वर्षों से इस परंपरा को लगातार निभा रहा है। 14 वर्ष बाद जब यह टाइम कैप्सूल खोला जाएगा, तब वर्तमान और भविष्य के बीच के अंतर के साथ-साथ समाज, शिक्षा और तकनीक के विकास की गति को भी करीब से समझने का अवसर मिलेगा।



