ट्रंप की ‘इज्जत’ दांव पर! ईरान ने मुलाकात के प्रस्ताव को ठुकराया, रख दीं दो ऐसी शर्तें कि उड़ गए होश

Iran War Updates: ईरान ने अमेरिका के साथ संभावित वार्ता को फिलहाल नामुमकिन बताया है। इस बार स्थिति में बदलाव के बजाय ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सर्वोच्च नेता के बीच मिलने की संभावना नहीं है। वरिष्ठ सैन्य सलाहकार मोहसेन रेजाई ने कहा कि ट्रंप की पहल बातचीत को आगे बढ़ाने में विफल रही है।
ट्रंप ने हाल ही में पत्रकारों से कहा था कि यदि उन्हें सर्वोच्च नेता से मिलने का अवसर मिले तो वह सम्मान के साथ मुलाकात करेंगे। लेकिन रेजाई के अनुसार, ट्रंप के कदम पर्याप्त नहीं हैं और इसलिए भरोसा बनाने की प्रक्रिया ठप्प हो गई है।
अमेरिका के लिए ईरान की सख्त शर्तें
ईरान ने वार्ता की स्थिति सुधारने के लिए दो मुख्य मांगें रखी हैं। पहली, अमेरिका को ईरान की फ्रीज की गई 24 अरब डॉलर की संपत्ति तुरंत लौटानी होगी। रेजाई ने इसे अमेरिका के लिए भरोसे की कसौटी बताया। दूसरी, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को हटाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि ये कदम अमेरिका और ईरान के बीच विश्वास बहाली के लिए अहम हैं। रेजाई ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका इन मांगों को पूरा नहीं करता है तो ईरान संघर्ष को लंबा खींचने में हिचकिचाएगा नहीं।
सैन्य रणनीति और क्षेत्रीय प्रभाव
ईरानी सलाहकार ने खुलासा किया कि यदि स्थिति बिगड़ती है तो युद्ध का दायरा हिंद महासागर, बाब अल-मंडेब, लाल सागर और भूमध्य सागर तक बढ़ सकता है। इसके साथ ही अमेरिका के क्षेत्रीय ठिकानों को निशाना बनाने की योजना है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में संघर्ष का स्तर नया और खतरनाक हो जाएगा।
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ट्रंप के लिए नसीहत
रेजाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति को सलाह दी कि उन्हें अपने निर्णयों में इजरायल के दबाव से स्वतंत्र रहना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि ट्रंप को अमेरिकी जनता के हित को सर्वोपरि रखना होगा, ईरानी संपत्ति वापस करनी होगी और नाकेबंदी खत्म करनी होगी। उनका मानना है कि ऐसा करने से दोनों देशों के भविष्य में नई राह खुल सकती है।



