क्या नॉर्थ कोरिया का भी होगा वेनेजुएला जैसा हाल, किम जोंग के नए बयान ने मचाई सनसनी

Iran protest us: नॉर्थ कोरिया ने अमेरिकी प्रतिबंधों और साइबर हमलों के आरोपों पर कड़ा जवाब दिया है। वहीं, अमेरिका की ईरान के प्रति नीतियां और नॉर्थ कोरिया का समर्थन विवादों को और बढ़ा रहे हैं। जानिए इस नई सियासी घमासान के बारे में।

Iran protest us: एक तरफ नॉर्थ कोरिया ने अब अमेरिका के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है जो वेनेजुएला और ईरान में मिलिट्री एक्शन लेने की तैयारी कर रहा है। जहां दुनिया का ध्यान ईरान में अंदरूनी उथल-पुथल और अमेरिका के संभावित दखल पर है, वहीं तानाशाह किम जोंग उन के एडमिनिस्ट्रेशन ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं और यूनाइटेड नेशंस को इस विवाद में घसीटा है। नॉर्थ कोरिया ने कहा है, “अमेरिका अपने फायदे के लिए और दूसरे देशों को बदनाम करने के लिए यूनाइटेड नेशंस का इस्तेमाल कर रहा है।”

विवाद की जड़ क्या है?

अमेरिका की लीडरशिप में हाल ही में बनी ‘मल्टीलेटरल सैंक्शन्स मॉनिटरिंग टीम’ या ‘MSMT’ ने नॉर्थ कोरिया को मुश्किल में डाल दिया है। इस खास टीम में अमेरिका और साउथ कोरिया समेत 11 देश शामिल हैं। यह टीम अगले 15 सालों तक नॉर्थ कोरिया पर कड़े आर्थिक और मिलिट्री सैंक्शन लगाने की तैयारी कर रही है। नॉर्थ कोरिया ने इस टीम को पूरी तरह से गैर-कानूनी बताते हुए कहा है कि यह हमें ग्लोबल लेवल पर क्रिमिनल बनाने की साज़िश है।

साइबर अटैक के आरोपों पर नॉर्थ कोरिया का हमला

रॉयटर्स के मुताबिक, US ने भी नॉर्थ कोरिया पर साइबर अटैक का इल्जाम लगाया है। जवाब में प्योंगयांग ने कहा, “US साइबर सिक्योरिटी के नाम पर हमें दुनिया से अलग-थलग करने की कोशिश कर रहा है। मगर हम ऐसे दबाव में नहीं झुकेंगे।” नॉर्थ कोरिया ने साफ चेतावनी दी है कि अगर यूनाइटेड नेशंस सच में निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहता है, तो उसे US के इशारों पर चलना बंद कर देना चाहिए और एक नया और बिना भेदभाव वाला सिस्टम बनाना चाहिए।

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पर्दे के पीछे ईरान का सपोर्ट किया?

नॉर्थ कोरिया का यह विरोध ऐसे समय में हुआ है जब US ईरान में बड़ी मिलिट्री कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। ईरान, वेनेजुएला और नॉर्थ कोरिया, तीनों ही देश US के कट्टर दुश्मन माने जाते हैं। ऐसे में नॉर्थ कोरिया का यह रुख ईरान को दिए गए इनडायरेक्ट सपोर्ट के तौर पर देखा जा रहा है। किम जोंग-उन एडमिनिस्ट्रेशन ने इशारा किया है, “जैसे US ईरान को धमका रहा है, वैसे ही यह बैन लगाकर हमें कमजोर करने की कोशिश है।”

 

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