हार्ट अटैक आने से 30 दिन पहले शरीर चिल्ला-चिल्ला कर देता है ये संकेत

Heart health tips: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में दिल की बीमारी किसी को भी अपनी चपेट में ले लेती है। जंक फूड, तनाव, नींद की कमी और बैठे रहने की आदत ने तो हार्ट अटैक को आम बीमारी बना दिया है। मगर अच्छी बात ये है कि हमारा शरीर बहुत समझदार है। हार्ट अटैक आने से करीब एक महीना पहले वो जोर-जोर से अलार्म बजाना शुरू कर देता है। बस हम कानों में तेल डालकर इग्नोर कर देते हैं।
सबसे पहला और सबसे आम संकेत है बेवजह थकान। आप सोचते हैं कि आज थोड़ा ज्यादा काम कर लिया इसलिए थक गया”। मगर अगर आप 8 घंटे सोने के बाद भी सुबह उठते ही थका-थका महसूस करते हैं, सीढ़ी चढ़ते वक्त हांफ जाते हैं या छोटी-मोटी वॉक से ही पसीना छूट जाता है तो ये नॉर्मल नहीं है भाई। ये दिल का रोना है कि उसे ऑक्सीजन नहीं मिल रहा।
दूसरा बड़ा संकेत है अचानक चक्कर आना। खड़े होते ही कमरे का चक्कर लगने लगे, आंखों के आगे अंधेरा छा जाए या बैलेंस बिगड़ जाए तो इसे कम ब्लड प्रेशर समझकर टाल मत देना। असल में दिल कमजोर पड़ रहा है, खून ठीक से ब्रेन तक नहीं पहुंच पा रहा।
सीने में हल्का-हल्का दर्द या भारीपन भी बहुतों को एक-दो महीने पहले से शुरू हो जाता है। कई लोग इसे गैस या एसिडिटी समझ लेते हैं और हाजमोला खाकर सो जाते हैं। मगर अगर ये दर्द बाएं कंधे, गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैल रहा है तो तुरंत अलर्ट हो जाओ।
Winter Season: इस वजह से सर्दियों में बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा
सांस लेने में तकलीफ भी बहुत बड़ा रेड सिग्नल है। आराम करने पर भी सांस फूल रही है, रात को सोते वक्त तकिया ऊंचा करके सोना पड़ रहा है या हल्की हंसी-मजाक में भी हांफने लगते हैं तो दिल चेतावनी दे रहा है।
ये है सबसे खतरनाक संकेत
कुछ लोगों को पसीना बहुत ज्यादा आने लगता है। ठंड के मौसम में भी रात को पसीने से तर बिस्तर हो जाता है या बिना मेहनत किए ही शर्ट गीली हो जाती है। ये दिल के कमजोर होने का सीधा संकेत है।



