LIC के करोड़ों दांव पर! SEBI की कार्रवाई के बाद ‘इस’ कंपनी के शेयर फिर से लोअर सर्किट पर; स्टॉक 90% तक गिरा

Rajesh Exports Stock Price Today: गोल्ड और ज्वेलरी सेक्टर की बड़ी कंपनी ‘राजेश एक्सपोर्ट्स’ अभी एक गंभीर संकट का सामना कर रही है। कंपनी के शेयर की कीमत में लगातार गिरावट के कारण निवेशक बहुत चिंतित हैं। बुधवार, 10 जून को स्टॉक 5% के लोअर सर्किट पर आ गया। यह लगातार पांचवीं बार था जब बाजार में भारी बिकवाली के दबाव के कारण स्टॉक लोअर सर्किट पर लॉक हो गया। शेयरों में यह भारी गिरावट SEBI द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद आई है, जिससे निवेशकों को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। LIC का भी कंपनी में काफी निवेश है।

शेयरों का खराब मार्केट परफॉर्मेंस

हाल के दिनों में राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयर की कीमत तेजी से गिरी है। पिछले एक हफ्ते में स्टॉक लगभग 22.6% गिरा है और पिछले महीने में इसमें 30% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। पिछले छह महीनों में शेयरों में 55% से ज्यादा की गिरावट आई है, जबकि पिछले साल निवेशकों को लगभग 58% का नुकसान हुआ है। बुधवार को NSE पर ट्रेडिंग सेशन के दौरान, स्टॉक 4.99% गिरकर ₹84.66 पर बंद हुआ। कभी ₹1,000 से ऊपर ट्रेड करने वाला यह स्टॉक अब डबल-डिजिट प्राइस लेवल पर आ गया है।

PLI स्कीम से बाहर होने का खतरा

कंपनी की मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय ने ‘एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल’ (ACC) बैटरी स्टोरेज के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम से इसे बाहर करने पर विचार करना शुरू किया। मंत्रालय राजेश एक्सपोर्ट्स को इस स्कीम के लिए अयोग्य घोषित करने की दिशा में सोच रहा है। अगर ऐसा होता है, तो यह कंपनी के लिए एक बड़ा झटका होगा, क्योंकि ACC बैटरी का कारोबार उसकी भविष्य की रणनीतिक योजनाओं का एक अहम हिस्सा है।

विवाद की जड़: SEBI की 109 पेज की अंतरिम रिपोर्ट

इस विवाद के केंद्र में SEBI की 109 पेज की अंतरिम रिपोर्ट है। इस रिपोर्ट में SEBI की शुरुआती जांच के नतीजे बताए गए हैं। इसमें आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2021 और 2025 के बीच अपने बिज़नेस ऑपरेशन्स और रेवेन्यू के आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया। रिपोर्ट में रेवेन्यू डेटा में लगभग ₹15.15 लाख करोड़ की गड़बड़ी का संकेत दिया गया है—यह आंकड़ा कंपनी की सब्सिडियरी कंपनियों के कुल रेवेन्यू का लगभग 99.8% है। SEBI ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें फंड का गलत इस्तेमाल, संबंधित पार्टियों के साथ संदिग्ध ट्रांज़ैक्शन और जानकारी छिपाना शामिल है।

चेयरमैन के खिलाफ कार्रवाई और ऑडिट के आदेश

इन आरोपों के बाद, कंपनी के चेयरमैन और प्रमोटर, राजेश मेहता को मार्केट में शेयर की ट्रेडिंग करने से रोक दिया गया है। साथ ही, कंपनी के अकाउंट्स का नया फोरेंसिक ऑडिट करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। राजेश एक्सपोर्ट्स ने SEBI के सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। कंपनी का कहना है कि यह कन्फ्यूजन इसलिए हुआ क्योंकि SEBI ने गलती से उसकी स्विस सब्सिडियरी ‘Valcambi’ के EBITDA आंकड़ों को रेवेन्यू मान लिया। कंपनी का कहना है कि उसके बताए गए रेवेन्यू के आंकड़े पूरी तरह सही हैं। कंपनी ने यह भी कहा कि उसने जांच एजेंसी के साथ सहयोग किया है और SEBI को 300–400 GB डेटा वाले डॉक्यूमेंट्स दिए हैं।

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चेयरमैन राजेश मेहता के अनुसार, रेगुलेटरी बॉडी शायद सही डॉक्यूमेंट्स तक नहीं पहुँच पाई, जिससे गलत नतीजे निकले। उन्हें भरोसा है कि स्थिति साफ करने के लिए अगले 15 दिनों में सभी ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स फिर से जमा कर दिए जाएंगे।

इन्वेस्टर्स की नज़र इन दो बातों पर

इन्वेस्टर्स अभी दो मुख्य बातों पर ध्यान दे रहे हैं: SEBI की जांच का आखिरी नतीजा क्या होगा और क्या सरकार कंपनी को ACC बैटरी PLI स्कीम के लिए योग्य मानती है या नहीं। जब तक इन दोनों मामलों पर स्थिति साफ नहीं हो जाती, तब तक राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में उतार-चढ़ाव और दबाव बने रहने की संभावना है।

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