पेट में बनती है भयंकर गैस और कब्ज, डॉक्टर के बताए ये 7 फूड्स खाते ही आंतों से निकलेगा सारा कचरा!

Gut Health Tips: पेट का स्वास्थ्य पूरे शरीर की तंदुरुस्ती की बुनियाद होता है। यदि आंतों में गुड बैक्टीरिया की कमी हो जाए या पाचन धीमा पड़ जाए, तो कब्ज, गैस और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं घेरने लगती हैं। मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, गट हेल्थ को मजबूत रखने का सबसे असरदार तरीका डाइट में घुलनशील और अघुलनशील डाइटरी फाइबर की मात्रा बढ़ाना है।
फाइबर आंतों के माइक्रोबायोम को पोषण देता है और मल त्याग को सुगम बनाता है। प्रसिद्ध गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने अपनी सोशल मीडिया गाइड में 7 ऐसे प्रमुख फाइबर युक्त फूड्स की जानकारी दी है, जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में कारगर हैं।
चिया सीड्स फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम और मैग्नीशियम का बेहतरीन पावरहाउस हैं। इसका जेल जैसा फाइबर आंतों के बैक्टीरिया के लिए प्रीबायोटिक का काम करता है। इसे सीधे सूखा खाने के बजाय एक चम्मच पानी या दही में भिगोकर ही खाना चाहिए और साथ में पर्याप्त पानी पीना जरूरी है।
वहीं भारतीय भोजन का मुख्य हिस्सा मानी जाने वाली दालें (अरहर, मूंग, मसूर, उड़द और चना) प्लांट-बेस्ड प्रोटीन, आयरन, फोलेट और मैग्नीशियम से भरपूर होती हैं। रोजाना एक कटोरी अच्छी तरह पकी हुई दाल खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है और बॉवेल मूवमेंट दुरुस्त रहता है।
फलों में रास्पबेरी और नाशपाती आंतों की सेहत के लिए रामबाण साबित होते हैं। रास्पबेरी में विटामिन सी, पॉलीफेनॉल्स और एंथोसायनिन एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं, जो पाचन नली की सूजन कम करते हैं।
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दूसरी तरफ नाशपाती को छिलके सहित खाने पर पेक्टिन फाइबर और सॉर्बिटॉल मिलता है, जो आंतों की स्वाभाविक सफाई कर मल को नरम बनाता है और कब्ज तोड़ता है। इसके अलावा एवोकाडो में प्रचुर डाइटरी फाइबर के साथ हेल्दी फैट्स, विटामिन बी6, सी और पोटैशियम मौजूद होते हैं, जो आंतों को प्राकृतिक चिकनाई देकर पाचन क्रिया को आसान बनाते हैं।
नाश्ते के लिए ओट्स सबसे मुफीद विकल्प है, क्योंकि इसमें खास ‘बीटा-ग्लूकन’ फाइबर होता है। जब यह फाइबर आंतों में पचता है, तो शॉर्ट-चेन फैटी एसिड्स (SCFA) बनते हैं, जो आंतों की आंतरिक कोशिकाओं को रिपेयर करते हैं। इसी तरह काबुली चना प्रोटीन, फाइबर और रेजिस्टेंट स्टार्च का समृद्ध स्रोत है। रातभर भिगोकर अच्छी तरह पकाए गए काबुली चने का सेवन आंतों के माइक्रोबायोम को संतुलित कर पेट दर्द और अपच की परेशानी को दूर रखने में मदद करता है।



