प्रभु सिर्फ भाव के भूखे हैं:आचार्य मयंक
यह बात श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ में सरस कथावाचक आचार्य पं.रामबाबू द्विवेदी ने कहीं

भरथना,इटावा। ईश्वर कण-कण में विद्यमान हैं, उनकी प्राप्ति के लिए हमें कोई बहुत बडा काम नहीं करना है। सच्चे मन से की गई उनकी स्तुति ही आत्मा का परमात्मा से मिलन करवा सकती है। क्योंकि उसने ही आपको सब कुछ दिया है,प्रभु तो सिर्फ भाव के भूखे हैं।
यह बात क्षेत्र के ग्राम कन्धेसी पचार में चल रही श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के दौरान सरस कथावाचक आचार्य पं.रामबाबू द्विवेदी मयंक ने उपस्थित श्रद्धालु महिला-पुरूषों को कथा का रसपान कराते हुए कही। उन्होंने कहा कि इस संसार में ईश्वर से सरल कोई भी नहीं है। कथा का श्रवण कराते हुए उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण-सुदामा की अटूट मित्रता,माखन चोरी सहित विभिन्न लीलाओं का मार्मिक वर्णन कर उपस्थित श्रद्धालुजनों को भावविभोर कर दिया। इस दौरान परीक्षित अमित कुमार मण्टू मिश्रा,अरविन्द कुमार,सुनील कान्त चौबे, चकेश शुक्ला,पिण्टू मिश्रा, ऋषभ दुबे,प्रवीण शुक्ला, ओमकार दुबे,शैलू शुक्ला, प्रेमकिशोर शुक्ला, उमाकान्त चौबे,प्रदीप नारायण मिश्रा सहित समस्त ग्रामवासियों का विशेष सहयोग रहा।



