Gauriganj Election 2027: अखिलेश यादव ने चला बड़ा दांव! राकेश सिंह को घेरने के लिए ब्राह्मण चेहरे पर भरोसा

GauriGanj Assembly Seat 2027: उत्तर प्रदेश की सियासत में हमेशा चर्चा के केंद्र में रहने वाली अमेठी जिले की गौरीगंज विधानसभा सीट पर 2027 के चुनावी रण को लेकर अभी से बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है।
समाजवादी पार्टी के टिकट पर लगातार तीन बार जीत दर्ज करने वाले विधायक राकेश प्रताप सिंह के बागी होकर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामने के बाद, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव अपने इस पुराने किले को दोबारा फतह करने के लिए नए सामाजिक और सियासी समीकरण तैयार कर रहे हैं। पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, सपा इस सीट पर बागी विधायक की घेराबंदी के लिए एक मजबूत और असरदार ‘ब्राह्मण चेहरे’ पर दांव लगाने की पूरी तैयारी में है।
बंद कमरे में अखिलेश यादव और संतोष पांडेय की 30 मिनट की गुप्त बैठक
इस सियासी अटकल को उस वक्त सबसे ज्यादा मजबूती मिली, जब सुल्तानपुर जिले की लंभुआ सीट से सपा के पूर्व विधायक संतोष पांडेय ने बुधवार को लखनऊ स्थित सपा प्रदेश कार्यालय में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से व्यक्तिगत मुलाकात की।
दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में करीब आधे घंटे तक सघन मंथन चला, जिसमें गौरीगंज विधानसभा सीट के भविष्यगत चुनावी समीकरणों और जमीनी नब्ज पर बिंदुवार चर्चा की गई। बैठक समाप्त होते ही संतोष पांडेय ने अखिलेश यादव के साथ अपनी तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की, जिसने जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
सगरा आश्रम के भंडारे से हुई ‘सॉफ्ट एंट्री’, चुनाव लड़ने के दिए साफ संकेत
गौरीगंज क्षेत्र में संतोष पांडेय की सक्रियता अचानक शुरू नहीं हुई है। बीते 24 अगस्त को सावन के अंतिम सोमवार के मौके पर गौरीगंज के बाबूगंज स्थित विख्यात सगरा आश्रम के विशाल भंडारे में संतोष पांडेय की मौजूदगी ने सबको चौंका दिया था।
स्थानीय राजनीति के जानकार इसे गौरीगंज में उनकी सुनियोजित ‘सॉफ्ट एंट्री’ और 2027 के महासमर की पूर्व तैयारी के तौर पर देख रहे हैं। जब मीडिया ने इस पर पूर्व विधायक से सवाल किया तो उन्होंने इसे निजी धार्मिक आस्था की यात्रा बताया, लेकिन 2027 के चुनाव पर पत्ते खोलते हुए स्पष्ट कर दिया कि यदि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का निर्देश होगा, तो वे गौरीगंज के चुनावी दंगल में उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
जानिए कौन हैं संतोष पांडेय: ब्राह्मण मतदाताओं में मजबूत पकड़
संतोष पांडेय समाजवादी पार्टी के अग्रणी और जनाधार वाले ब्राह्मण नेताओं में गिने जाते हैं। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने सुल्तानपुर की लंभुआ सीट से सपा के सिंबल पर शानदार प्रदर्शन करते हुए 74,352 वोट (41.25%) हासिल किए थे और बसपा के कद्दावर नेता विनोद सिंह को 17,372 वोटों के भारी अंतर से शिकस्त देकर पहली बार विधानसभा पहुंचे थे।
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इसके बाद वर्ष 2017 और 2022 के चुनावों में भी पार्टी ने लंभुआ से उन्हीं पर अपना भरोसा कायम रखा। सुल्तानपुर, अमेठी और आसपास के अवध क्षेत्र में जमीनी कार्यकर्ता के रूप में उनकी पहचान है और ब्राह्मण वर्ग के बीच उनका अच्छा-खासा प्रभाव माना जाता है।
2027 का सियासी गणित: बागी राकेश सिंह के खिलाफ ब्राह्मण फॉर्मूला
गौरीगंज से तीन बार लगातार जीत का परचम लहराने वाले राकेश प्रताप सिंह की स्थानीय स्तर पर गहरी पकड़ किसी भी विरोधी दल के लिए कड़ी चुनौती पेश करती है। हालांकि, समाजवादी पार्टी की अंदरूनी रणनीति यह है कि यदि संतोष पांडेय के जरिए ब्राह्मण वोट बैंक में सेंध लगाई जाए और साथ ही पार्टी के कैडर व पारंपरिक पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वोट बैंक को मजबूती से जोड़ा जाए, तो भाजपा के पाले में गए राकेश प्रताप सिंह को उनके ही गढ़ में आसानी से घेरा जा सकता है। अंतिम मुहर पार्टी हाईकमान को लगानी है, मगर संतोष पांडेय की तेज होती सक्रियता साफ इशारा कर रही है कि अखिलेश यादव गौरीगंज में मजबूत ब्राह्मण कार्ड चलने का मन बना चुके हैं।



