शहीदों की चिताओं पर जुड़ेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशाँ होगा
मेला तो नहीं लगा, पर प्रशासनिक लापरवाही से रोज लग रही थी जूतों की दुकान

सुलतानपुर। अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद की पुण्यतिथि के अवसर पर अंततः आज उनकी प्रतिमा के समक्ष लगी जूतों की दुकान को हटा दिया गया। यह कदम स्वागतयोग्य है, किंतु यह भी प्रश्न खड़ा करता है कि महीनों से चली आ रही इस स्थिति पर पहले कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
ज्ञातव्य है कि आजाद पार्क स्थित शहीद की प्रतिमा के ठीक सामने अतिक्रमण कर प्रतिदिन जूते-चप्पलों की दुकानें लगाई जा रही थीं, जिससे प्रतिमा की गरिमा प्रभावित हो रही थी। इस संबंध में राष्ट्रीय पत्रकार संघ मानव अधिकार फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डी. पी. गुप्ता एडवोकेट द्वारा महीनों पूर्व नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को लिखित आवेदन देकर वहां से अतिक्रमण हटाने की मांग की गई थी, परंतु उस समय कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
शहीद चन्द्रशेखर आजाद के पुण्यतिथि के दिन दुकान हटाया जाना सकारात्मक पहल अवश्य है, लेकिन संस्था के अध्यक्ष डी. पी. गुप्ता एडवोकेट ने स्पष्ट कहा है कि केवल एक दिन की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में प्रतिमा स्थल के आसपास किसी प्रकार का अतिक्रमण न हो और शहीदों के सम्मान की निरंतर रक्षा की जाए।
अब देखना यह है कि नगर पालिका प्रशासन शहीदों की स्मृति और सम्मान के प्रति कितनी गंभीरता दिखाता है तथा आने वाले दिनों में वहां पुनः जूतों की दुकानें लगने से रोकने के लिए क्या ठोस व्यवस्था करता है।



