भगवान की भक्ति से दूर होते हैं जीवन के कष्ट: निशांत कृष्ण

भागवत कथा श्रवण से मिलता है मोक्ष का मार्ग

जसवंतनगर,इटावा। जसवंतनगर क्षेत्र के बलरई गांव स्थित प्रसिद्ध चिंताहरण धाम कारसदेव खाटूश्याम मंदिर पर रविवार को श्रद्धा भक्ति और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीमद्भागवत महापुराण सप्ताह ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। शुभारंभ अवसर पर श्रीधाम वृंदावन से पधारे सुप्रसिद्ध कथाव्यास पूज्य निशांत कृष्ण जी महाराज ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत महापुराण के प्रथम दिवस की कथा का रसपान कराते हुए भागवत कथा के आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कथा पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे वातावरण में भक्ति रस की अविरल धारा प्रवाहित होती रही।

कथाव्यास निशांत कृष्ण जी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं,बल्कि मानव जीवन को धर्म,भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की ओर ले जाने वाला दिव्य मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत पुराण में वर्णित है कि कलियुग में भगवान के नाम का स्मरण,सत्संग और भागवत कथा का श्रवण ही सबसे सरल और श्रेष्ठ साधना है। भागवत कथा सुनने से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं, मन निर्मल बनता है और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट भक्ति का भाव जागृत होता है। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर श्रद्धा और विश्वास के साथ भागवत कथा का आयोजन होता है,वहां भगवान स्वयं अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं और परिवार में सुख,शांति,समृद्धि तथा आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।

कथा में परीक्षित की भूमिका मंदिर के महंत सुनील महाराज एवं उनकी धर्मपत्नी सोनी देवी निभा रहे हैं,जबकि यज्ञपति के रूप में सुरेश डीलर एवं उनकी धर्मपत्नी सीता देवी विराजमान हैं। आगामी सात दिनों तक कथाव्यास निशांत कृष्ण जी महाराज अपने श्रीमुख से श्रीमद्भागवत महापुराण की विभिन्न लीलाओं एवं प्रसंगों का रसपान कराएंगे। प्रतिदिन कथा के उपरांत भव्य भजन-कीर्तन एवं आरती का आयोजन भी किया जाएगा।

आयोजन को लेकर पूरे चिंताहरण धाम कारसदेव खाटूश्याम मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों, विद्युत झालरों और आकर्षक रोशनी से भव्य रूप से सजाया गया है। मंदिर की मनोहारी सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं।

आयोजन समिति के फौरन सिंह,शंकर, रोहितांश,रामप्रताप, श्याम,जयवीर,संजीव, बंटू,सुभाष,अवनीश, सुधीश,जितेन्द्र,पंकज, सोनू,शिवम,अतुल,छोटू ,अंशुल ,अंकित,आयुष, बड़ेलला,प्रयांशू,सचिन, कृष्णा,सुम्मी,ईशू,ऋषभ, किट्टू,श्रेयांश,देव,रुद्रांश, शिवांश,सक्षम,अरनव, अक्षु,अंजली,देवांश, निशू,परी,गौरी,डुग्गू,अंत सहित सभी सहयोगियों ने क्षेत्र के धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है। आयोजन के प्रथम दिवस श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और भक्ति का वातावरण देखने को मिला।

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