जन्मे कृष्ण कन्हाई ब्रज में बजी बधाई
कृष्ण जन्म में सभी भक्तों ने झूमे

सुल्तानपुर। नगर के दरियापुर स्थित दुल्हन मैरिज लॉन में चल रही श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के चौथे दिन वृंदावन वन से पधारे कथा व्यास कवि चंद्र दास ने भगवान श्री हरि के वामन अवतार श्री कृष्ण जन्म महाराजा बली की कथा सुनाई कथा प्रवाह में उपस्थित सैकड़ो श्रोता भाव विभोर हो गए।
प्रसंग वाचन करते हुए कथा व्यास ने कहा कि महा राजा बलि के दान की चर्चा तीनों लोकों में फैल गई इसके बाद भगवान श्री हरि ने वामन का अवतार लिया और महाराज बलि के दरबार में मांगने पहुंच गए महाराज बलि ने भगवान बामन से मांगने को कहा तब भगवान वामन ने तीन पग भूमि अपने लिए मांग ली इसके बाद भगवान वामन ने एक पाव से धरती एक पांव से पाताल नाप दिया इसके बाद महाराज बाली का उद्धार किया.देवकी के वसुदेव के विवाह के बाद उन्हें घर छोड़ने जाते रास्ते में हुई।
आकाशवाणी का प्रसंग बताते हुए कथा व्यास ने कहा आकाशवाणी सुनकर कंस ने वासुदेव और देवकी को जेल में डाल दिया और , जेल में पैदा होने वाली 7 संतानों को मार दिया श्री कृष्ण भगवान के जन्म के पूर्व कंस ने पहरा सख्त कर दिया।
किंतु नारायण ने काल कोठरी में वासुदेव और देवकी को दर्शन दिए और छोटे बालक के रूप में अवतरित हुए भगवान श्री हरि के अवतार लेने के साथ ही जेल के फाटक खुल गए वासुदेव उन्हें लेकर यमुना पार करते हुए नंद बाबा के घर पहुंचे जहां से कन्या लेकर वापस लौटे कंस को पता चला की संतान पैदा हो गयी।
तो वह जेल पहुंचा और देवकी के हाथ से कन्या को खीच कर पत्थर पर पटकना चाहा कन्या हाथ से छिटक कर कहा हे कंस तुझे मारने वाला धरती पर जन्म ले चुका है और योगमाया जाकर विंध्याचल पर्वत पर निवास करने लगी वही आज मां विंध्याचल के नाम से जानी जाती है।
श्री कृष्ण के जन्म की कथा सुनकर जन समूह हर्षित हो गया. हर और हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की के जयकारे लगे लगे मुख्य यजमान राममूर्ति मिश्रा सरोज मिश्रा मनोज मिश्रा प्रमोद मिश्रा ने परिवार समेत बालकृष्ण भगवान व भागवत पुराण की आरती उतारी।



