मलबे के ढेर में बदला पूरा देश! दो विनाशकारी भूकंपों ने मचाई ऐसी तबाही कि मौत आंकड़ा 10 हजार के पार

Caracas earthquake news: दक्षिणी अमेरिकी देश वेनेजुएला से इस वक्त की सबसे बड़ी और दर्दनाक खबर सामने आ रही है। वेनेजुएला में आए लगातार दो विनाशकारी भूकंपों ने न सिर्फ पूरे देश को बल्कि पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। भूवैज्ञानिकों के मुताबिक, यह साल 1900 के बाद से अब तक का सबसे भीषण और शक्तिशाली भूकंप है। जिस वक्त यह आपदा आई, उस समय देश में नेशनल हॉलीडे (राष्ट्रीय अवकाश) होने के कारण अधिकांश लोग अपने घरों में ही मौजूद थे। स्थानीय समयानुसार शाम 18:04 बजे (23:04 BST) आए इस भूकंप के झटके इतने तेज थे कि इसकी धमक पड़ोसी देश कोलंबिया की राजधानी बोगोटा तक महसूस की गई। बताया जा रहा है कि मौत का आंकड़ा 10 हजार के पार जा सकता है।

राजधानी काराकस समेत उत्तरी तटीय इलाके जमींदोज, मलबे से आ रही चीखें

इस प्राकृतिक आपदा का सबसे क्रूर रूप वेनेजुएला के उत्तरी तटीय क्षेत्रों में देखने को मिला है। ला गुएरा, अरागुआ, काराबोबो और फाल्कन जैसे राज्य इस वक्त मलबे के ढेर में तब्दील हो चुके हैं। राजधानी काराकस के ‘लॉस पालोस ग्रांडेस’ इलाके से बेहद विचलित करने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं, जहाँ बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया एजेंसी बीबीसी की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, ढही हुई गगनचुंबी इमारतों के मलबे के नीचे से लोगों के रोने और “मदद करो, हम यहाँ नीचे फंसे हैं” की दर्दनाक आवाजें आ रही हैं। भूकंप के तुरंत बाद पूरे प्रभावित क्षेत्र की बिजली गुल हो गई और मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप हो गए। खौफजडा लोग अपने परिवार और पालतू जानवरों को लेकर सड़कों पर आ गए हैं और लगातार आ रहे आफ्टरशॉक्स के डर से कोई भी घर लौटने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।

वैज्ञानिक खुलासा: क्यों आए एक ही दिन में दो विनाशकारी भूकंप?

इस महा-भूकंप के बाद दुनिया भर के वैज्ञानिकों के बीच इसके कारणों को लेकर मंथन शुरू हो गया है। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) की रिपोर्ट ने इसके पीछे की जो वजह बताई है, वह बेहद चौंकाने वाली है। भूवैज्ञानिकों के अनुसार, वेनेजुएला भौगोलिक रूप से एक अत्यंत संवेदनशील सिस्मिक जोन (भूकंपीय क्षेत्र) पर स्थित है। यहाँ धरती के भीतर दो विशालकाय टेक्टोनिक प्लेट्स—’कैरेबियन प्लेट’ और ‘साउथ अमेरिकन प्लेट’ आपस में मिलती हैं।

वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया कि दूसरा और सबसे घातक भूकंप ‘शैलो स्ट्राइक-स्लिप फॉल्टिंग’ (Shallow Strike-Slip Faulting) के कारण आया। आसान भाषा में समझें तो जब ये दोनों विशालकाय प्लेट्स ऊपर-नीचे होने के बजाय हॉरिजॉन्टल (क्षैतिज) रूप से एक-दूसरे से बेहद तीव्रता के साथ रगड़ खाती हुई आगे बढ़ती हैं, तो सतह पर भयानक ऊर्जा उत्पन्न होती है। एक ही दिन में दो बड़े झटकों का आना यह साबित करता है कि जमीन के नीचे प्लेट्स के टूटने और टकराने की एक बेहद जटिल और खतरनाक प्रक्रिया सक्रिय हो चुकी है।

20 से ज्यादा आफ्टरशॉक्स और मैकेटिया इंटरनेशनल एयरपोर्ट बंद

राष्ट्रपति कार्यालय और एएफपी (AFP) न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को आए पहले मुख्य झटके के बाद से अब तक 20 से अधिक तीव्र आफ्टरशॉक्स महसूस किए जा चुके हैं। मौसम और भूविज्ञान एजेंसियों ने चेतावनी जारी की है कि अभी भी और तेज झटके आ सकते हैं। इस आपदा में देश के मुख्य ‘मैकेटिया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे’ (Maiquetía International Airport) को भारी नुकसान पहुँचा है। भूकंप के दौरान एयरपोर्ट की छतें भरभराकर गिर गईं, जिससे हर तरफ धूल का गुबार छा गया और यात्री अपनी जान बचाने के लिए भागते दिखे। सुरक्षा कारणों से एयरपोर्ट को तुरंत बंद कर दिया गया है।

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कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने घोषित किया राष्ट्रीय आपातकाल

हालात बेकाबू होते देख वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने आंतरिक मंत्री डियोसडाडो कैबेलो और नेशनल असेंबली के प्रमुख जॉर्ज रोड्रिगेज की मौजूदगी में देश को संबोधित करते हुए देशव्यापी इमरजेंसी (आपातकाल) की घोषणा कर दी है। युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाने के लिए सेना के एक शीर्ष जनरल को कमान सौंपी गई है। सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए कई कड़े और बड़े फैसले लिए हैं:

  • यातायात पर पूर्ण रोक: देश भर में मेट्रो और ट्रेनों के संचालन को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।

  • शैक्षणिक संस्थान बंद: सुरक्षा के मद्देनजर हफ्ते के बाकी बचे सभी दिनों के लिए स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटीज को बंद रखने का आदेश दिया गया है।

  • रेस्क्यू ऑपरेशन जारी: मलबे के नीचे दबे घायलों और शवों को निकालने के लिए आपदा प्रबंधन और सेना की टीमें आधुनिक उपकरणों के साथ जुटी हुई हैं, हालांकि मौतों और संपत्ति के नुकसान का सटीक आंकड़ा आना अभी बाकी है।

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