सावधान! आपके किचन में रखी ये 5 चीज़ें धीरे-धीरे दे रही हैं कैंसर को न्योता!

Cancer risk household items: कैंसर जैसी बीमारियां अचानक नहीं बनतीं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार शरीर पर असर धीरे-धीरे कई सालों में दिखता है। कई बार हमारी रोज की छोटी आदतें और घर में इस्तेमाल होने वाले सामान भी इसमें भूमिका निभा सकते हैं। इसी कारण अब लोग अपने किचन और बाथरूम की चीजों पर ज्यादा ध्यान देने लगे हैं।
आइए जानते हैं कुछ ऐसी आम चीजों के बारे में जिनका गलत या जरूरत से ज्यादा उपयोग लंबे समय में नुकसान पहुंचा सकता है।
तेज खुशबू वाले पर्सनल केयर प्रोडक्ट
साबुन, बॉडी वॉश या परफ्यूम वाले प्रोडक्ट जिनमें बहुत तेज सुगंध होती है, उनका रोजाना इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए। इनमें मौजूद कुछ तत्व शरीर के हार्मोन सिस्टम पर असर डाल सकते हैं। कुछ मामलों में इन्हें लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर स्वास्थ्य जोखिम से भी जोड़ा गया है।
प्लास्टिक पानी की बोतलों का दोबारा उपयोग
धूप में रखी या लंबे समय तक इस्तेमाल की गई प्लास्टिक बोतल से पानी पीना अच्छा विकल्प नहीं माना जाता। गर्मी में प्लास्टिक से बहुत छोटे कण पानी में मिल सकते हैं। इसलिए स्टील या कांच की बोतल बेहतर मानी जाती है।
एल्युमिनियम फॉयल का बार-बार इस्तेमाल
खाने को पैक करने में एल्युमिनियम फॉयल का उपयोग आम है। मगर खट्टे या बहुत गर्म खाने के साथ इसका अधिक उपयोग करने से थोड़ी मात्रा भोजन में जा सकती है। इसलिए इसका इस्तेमाल सीमित रखना बेहतर है।
प्लास्टिक कंटेनर में गर्म खाना
बहुत से लोग गर्म खाना सीधे प्लास्टिक डिब्बों में रख देते हैं या वहीं गर्म कर लेते हैं। यह आदत सही नहीं मानी जाती। कुछ शोध बताते हैं कि इससे कुछ रसायन खाने में मिल सकते हैं जो लंबे समय में स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं होते।
नॉन स्टिक बर्तनों की खराब परत
अगर नॉन स्टिक तवे या कड़ाही की कोटिंग खराब हो चुकी है तो उसे बदल देना चाहिए। ज्यादा गर्म करने या पुरानी परत के टूटने पर हानिकारक तत्व निकल सकते हैं।
प्लास्टिक चॉपिंग बोर्ड की खरोंच
सब्जियां काटने वाला प्लास्टिक बोर्ड समय के साथ घिस जाता है। उस पर बनी गहरी खरोंचों से छोटे कण भोजन में जा सकते हैं। ऐसे में लकड़ी का चॉपिंग बोर्ड एक बेहतर विकल्प हो सकता है।
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बार-बार गरम किया गया तेल
तला हुआ तेल दोबारा-तिबारा इस्तेमाल करना कई घरों में आम है। मगर बार-बार गर्म करने से तेल की गुणवत्ता बदल जाती है और उसमें ऐसे तत्व बन सकते हैं जो सेहत के लिए नुकसानदायक माने जाते हैं।



