मसूड़ों से खून आना क्यों नहीं है मामूली बात, अपनाएं ये 3 आसान घरेलू नुस्खे
Bleeding gums remedies: क्या ब्रश करते वक्त या सेब खाते वक्त आपके मसूड़ों से हल्का खून आता है? अगर हां तो ठहरिए। इसे महज एक छोटी सी परेशानी समझकर टालना आपके ओरल हेल्थ के लिए खतरा बन सकता है। भले ही ये एक आम डेंटल प्रॉब्लम लगे मगर अक्सर यह मसूडों में पनप रहे किसी संक्रमण सूजन या फिर प्लाक जमने का पहला संकेत होती है। कई बार यह हमारे शरीर में किसी जरूरी विटामिन की कमी या गलत ढंग से ब्रश करने का नतीजा भी हो सकता है।
अगर इस पर वक्त रहते ध्यान न दिया गया तो यही हल्की ब्लीडिंग आगे चलकर मसूडों की बड़ी बीमारी जिंजिवाइटिस या और भी गंभीर पीरियोडोंटल समस्याओं का रूप ले सकती है।
अच्छी खबर यह है कि शुरुआती दौर में अपनी रोजमर्रा की आदतों में कुछ छोटे बदलाव करके और सही ओरल केयर रूटीन अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। थोड़ा सा पोषण पर ध्यान और कुछ सरल प्राकृतिक उपचार आपके मसूड़ों को मजबूत बनाने और ब्लीडिंग रोकने में मददगार साबित हो सकते हैं।
तो चलिए जानते हैं वे तीन असर घरेलू उपाय जिन्हें आप बिना किसी अतिरिक्त खर्च के आसानी से अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकते हैं और मसूडों की सेहत को दुरुस्त रख सकते हैं।
पहला असरदार इलाज
यह नुस्खा सबसे पुराना है मगर इसकी असरदार क्षमता बेमिसाल है। नमक में प्राकृतिक रूप से कीटाणुनाशक गुण होते हैं जो मसूडों के अंदर मौजूद नुकसानदेह बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करते हैं। साथ ही गुनगुना पानी रक्त संचार को बढ़ाता है जिससे सूजन भी कम होती है।
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तरीका: एक गिलास पानी को हल्का गर्म करें। उसमें लगभग आधा चम्मच नमक घोल लें। इस मिश्रण से दिन में दो से तीन बार कुल्ला करें। शुरुआती जिंजिवाइटिस में यह काफी आराम देता है।
दूसरा इलाज
हमारी रसोई का यह सुपरहीरो मसाला मसूडों के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है। हल्दी में करक्यूमिन नामक एक तत्व होता है जो सूजन रोधी और जीवाणु रोधी दोनों तरह के गुणों से भरपूर है। यह मसूडों के संक्रमण को पनपने नहीं देता और ब्लीडिंग पर लगाम लगाता है।
तरीका: थोड़ी सी हल्दी पाउडर में कुछ बूँदें पानी या नारियल तेल मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें। इसे मसूडों पर हल्के हाथ से लगाएँ और करीब पाँच मिनट बाद धो लें।
तीसरा इलाज
लौंग में यूजेनॉल नामक सक्रिय यौगिक होता है जो मसूडों के दर्द और ब्लीडिंग दोनों को कम करने में अपनी खास जगह रखता है। यह न सिर्फ संवेदनशीलता को घटाता है बल्कि हानिकारक बैक्टीरिया को भी रोकता है।
तरीका: एक कॉटन बड को लौंग के तेल में भिगोएँ और मसूडों पर धीरे-धीरे एक से दो मिनट तक रगड़ें।



