‘अस्सी’ देखने जा रहे हैं तो कलेजा मजबूत कर लें, अनुभव सिन्हा ने पर्दे पर दिखाई वो हकीकत जिसे देख खौफ में हैं लोग

assi red screen: तापसी पन्नू और जीशान अयूब की 'अस्सी' हर 20 मिनट पर आने वाली रेड स्क्रीन के जरिए समाज में बढ़ते रेप मामलों पर ध्यान खींचती है। जानें क्यों ये फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि एक चेतावनी भी है।

assi red screen: तापसी पन्नू और जीशान अयूब की फिल्म अस्सी जो 20 फरवरी को रिलीज़ हुई, केवल एक कोर्ट रूम ड्रामा नहीं बल्कि समाज की कड़वी हकीकत को पर्दे पर लाने वाली फिल्म है। निर्देशक अनुभव सिन्हा ने फिल्म में रेप सर्वाइवर की कहानी को इतनी गहराई से पेश किया है कि यह दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देती है। शुरुआती ही कुछ मिनटों में दर्शक हॉल में खामोशी अनुभव करते हैं, क्योंकि फिल्म का अंदाज इतना प्रभावशाली और चौंकाने वाला है।

हर 20 मिनट पर रेड स्क्रीन का संदेश

फिल्म की सबसे विशेष बात है हर 20 मिनट पर आने वाली रेड स्क्रीन। पहली बार जब यह स्क्रीन दिखाई देती है, तो बड़े अक्षरों में लिखा होता है – “20 मिनट”, और इसके नीचे संदेश आता है कि हर 20 मिनट में देश में एक और रेप मामला दर्ज होता है। फिल्म के आगे बढ़ने के साथ यह स्क्रीन केवल “20 मिनट” दिखाती है, जो एक चिंताजनक हकीकत को दर्शकों के सामने रखती है।

समाज के लिए चेतावनी और फिल्म का महत्व

ये रेड स्क्रीन केवल फिल्म का हिस्सा नहीं है, बल्कि दर्शकों के लिए एक सचेत संदेश है। अस्सी के माध्यम से तापसी पन्नू ने यह दिखाया कि कैसे रोज़ाना लगभग 80 रेप मामले घटित होते हैं। फिल्म देखने वाले हर दर्शक इस संदेश को महसूस करता है कि यह कहानी केवल सिनेमा की नहीं बल्कि समाज में हो रही वास्तविक घटनाओं की तस्वीर भी है।

इस फिल्म को अकेले देखने की गलती न करें, IMDb रेटिंग 8.1

‘धुरंधर’ जैसी पहले की फिल्मों में भी दिखा असर

अस्सी की तरह पहले धुरंधर फिल्म में भी रेड स्क्रीन को लेकर चर्चा हुई थी। धुरंधर में मुंबई के 26/11 हमले के दौरान हुई संवादों को दर्शाने वाली रेड स्क्रीन ने दर्शकों के लिए एक चौंकाने वाला अनुभव पैदा किया। सोशल मीडिया पर भी यह दृश्य काफी वायरल हुआ था।

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