जब तक ट्रंप राष्ट्रपति रहेंगे, युद्ध जारी रहेगा; हम भारी नुकसान पहुंचाएंगे; ईरान की चेतावनी

America vs Iran conflict 2026: दुनिया भर की नजरें इस वक्त अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भयंकर भू-राजनीतिक तनाव पर टिकी हैं। कूटनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि दोनों देशों के बीच का यह टकराव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कार्यकाल खत्म होने तक खिंच सकता है।
जानकारों का मानना है कि जब तक व्हाइट हाउस में कोई नया राष्ट्रपति कदम नहीं रखता, तब तक खाड़ी क्षेत्र में शांति की उम्मीद बेहद कम नजर आ रही है। इसी बीच ईरान के ताकतवर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर इन चीफ मोहम्मद रजा नकदी ने सीधे तौर पर अमेरिका को एक खुली चेतावनी दी है। उनका कहना है कि दुश्मन को ऐसा करारा और जबरदस्त झटका दिया जाएगा कि वह ईरान की तरफ आंख उठाने से पहले भी सौ बार सोचेगा। इससे यह साफ हो गया है कि ईरान भी इस तनाव को लंबा खींचने की पूरी रणनीति बना चुका है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ट्रंप का बड़ा दावा
इस पूरे विवाद के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपनी ताकत का अहसास कराया है। उन्होंने दावा किया है कि रणनीतिक लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अमेरिका का पूरी तरह से नियंत्रण है।
ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि अमेरिका इस अहम समुद्री रास्ते पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखना चाहता है और ईरान इस स्थिति को चुनौती देने की कोई हैसियत नहीं रखता। अपने बयानों के लिए मशहूर ट्रंप ने यह भी बताया कि पूरी दुनिया अमेरिकी नौसेना की इस जबर्दस्त घेराबंदी को ‘स्टील की दीवार’ मानती है, जिसे भेदना ईरान के बस की बात नहीं है। दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप के इस कड़े बयान के तुरंत बाद ही ईरानी कमांडर नकदी की तरफ से जवाबी धमकी सामने आई है।
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‘दुश्मन के मन में खौफ पैदा करना हमारा लक्ष्य’
मौजूदा हालात को देखकर रणनीतिकार मान रहे हैं कि ईरान फिलहाल इस मनोवैज्ञानिक टकराव में खुद को हावी महसूस कर रहा है, लेकिन उसका अंतिम लक्ष्य अभी बहुत दूर है। IRGC कमांडर मोहम्मद रजा नकदी ने एक हालिया इंटरव्यू में अपनी रणनीति का खुलासा करते हुए कहा कि दुश्मन के मन में गहरा डर पैदा करना बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि इस खौफ के बिना दुश्मन कभी भी हमला करने की हिम्मत कर सकता है। इस रणनीति को कामयाब बनाने के लिए ईरान इस टकराव को लंबा खींचने और दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाने की तैयारी कर रहा है। ईरान चाहता है कि दुनिया का कोई भी देश उस पर हमला करने से पहले अपने विनाश की कीमत का अंदाजा लगा ले।



