आइसक्रीम दुकान पर विवाद के बाद युवक को झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप

गाजियाबाद। विजय नगर स्थित एक आइसक्रीम की दुकान पर हुए विवाद के बाद एक युवक को झूठे मुकदमे में फंसाने, समझौते के नाम पर रुपये लेने और बाद में ब्लैकमेल करने के आरोप सामने आए हैं। पीड़ित युवक दीपेश की मां गीता ने पुलिस कमिश्नर गाजियाबाद को शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच और परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, 5 जून की रात करीब 11:30 बजे दीपेश अपने तीन मित्रों तथा दो छोटे बच्चों के साथ सेक्टर-11 स्थित एक आइसक्रीम की दुकान पर मौजूद था। आरोप है कि इसी दौरान प्रवीण गहलोत अपने एक साथी के साथ कार से वहां पहुंचे। शिकायतकर्ता का कहना है कि दोनों ने शराब का सेवन कर रखा था और कार को पीछे की ओर बैक करते समय वहां मौजूद एक छोटी बच्ची को चोट लगने का खतरा उत्पन्न हो गया, जिससे बच्ची रोने लगी।
इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विवाद के दौरान धार्मिक आधार पर अपशब्द भी कहे गए। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया। शिकायतकर्ता का दावा है कि पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड है।
गीता का आरोप है कि घटना के बाद प्रवीण गहलोत ने, जो पूर्व में पार्षद रह चुके हैं, थाना विजय नगर में दीपेश और उसके तीन मित्रों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस उसी रात चारों युवकों को थाने ले गई, जबकि अगले दिन उनकी जमानत हो गई।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जमानत से पहले समझौते के नाम पर उनसे 40 हजार रुपये नकद लिए गए। इसके बावजूद युवकों को जेल भेज दिया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि जमानत के बाद भी उन्हें एससी/एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जा रहा है तथा रुपये की मांग की जा रही है।
पीड़ित पक्ष ने पुलिस कमिश्नर से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। उधर, इस मामले में दूसरे पक्ष प्रवीण गहलोत से संपर्क नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर प्रकाशित किया जाएगा। वहीं पुलिस का आधिकारिक बयान भी अभी सामने नहीं आया है।



