लंबित मांगों को लेकर एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के कर्मचारियों ने खोला मोर्चा

नियमितीकरण और नौकरी की सुरक्षा समेत विभिन्न मांगों को लेकर सीएमएस को सौंपा ज्ञापन

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी के अंतर्गत जिला एमएमजी अस्पताल में संचालित एआरटी, ओएसटी, आईसीटीसी/वेंटर और एसटीआर सेंटर के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर बुधवार को मोर्चा खोल दिया। कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर शासन स्तर पर मांगों का जल्द समाधान कराने की मांग की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से व्यापक किया जाएगा।

कर्मचारियों ने नियमितीकरण, नौकरी की सुरक्षा, लंबित 20 प्रतिशत अतिरिक्त मानदेय, समूह बीमा, पुन: समायोजन तथा नियमित भर्ती में अतिरिक्त अंक और आयु सीमा में छूट समेत विभिन्न मांगें उठाईं।

11 अक्टूबर तक काला फीता बांधकर विरोध

उत्तर प्रदेश एड्स नियंत्रण कर्मचारी संघ ने मांगों के समर्थन में ‘सफलता तक संघर्ष’ आंदोलन की घोषणा की है। इसके तहत 5 से 11 अक्टूबर तक कर्मचारी कार्यस्थल पर काला फीता बांधकर विरोध जता रहे हैं। इसके बाद 12 से 14 अक्टूबर तक कर्मचारी निर्धारित समय से दो घंटे विलंब से काम शुरू करेंगे।

15 अक्टूबर को लखनऊ में धरना

आंदोलन के अगले चरण में 15 अक्टूबर को सुबह नौ बजे लखनऊ के ईको गार्डन में प्रदेशभर के कर्मचारियों द्वारा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि 15 अक्टूबर तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो 16 अक्टूबर से ईको गार्डन में मुख्य हड़ताल शुरू की जाएगी। इस दौरान एड्स नियंत्रण कार्यक्रम से संबंधित सेवाएं स्थगित करने की भी चेतावनी दी गई है।

कर्मचारियों ने कहा कि आंदोलन के कारण उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। उन्होंने सीएमएस से ज्ञापन को शासन और उच्चाधिकारियों तक पहुंचाकर जल्द सकारात्मक कार्रवाई कराने की मांग की।

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