कृष्ण जन्म, ध्रुव की अटूट भक्ति का हुआ भावपूर्ण वर्णन
भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण के अवतार का महत्व,ध्रुव चरित्र से अडिग श्रद्धा व तपस्या का दिया संदेश

जसवंतनगर,इटावा। क्षेत्र के बलरई गाँव में स्थित प्रसिद्ध चिंताहरण धाम कारसदेव खाटूश्याम मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण सप्ताह ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रीधाम वृंदावन से पधारे सुप्रसिद्ध कथाव्यास पूज्य निशांत कृष्ण जी महाराज ने भागवत पुराण के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य जन्म एवं ध्रुव चरित्र की कथा सुनाई।
कथाव्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का अवतार धर्म की स्थापना, अधर्म के विनाश और भक्तों के कल्याण के लिए हुआ था। वहीं ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि दृढ़ संकल्प, अटूट श्रद्धा और कठोर तपस्या से असंभव लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। ध्रुव की भगवान विष्णु के प्रति अडिग भक्ति आज भी मानव जीवन के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
कथा में राजा परीक्षित की भूमिका मंदिर के महंत सुनील महाराज एवं उनकी धर्मपत्नी सोनी देवी निभा रहे हैं, जबकि यज्ञपति के रूप में सुरेश डीलर एवं उनकी धर्मपत्नी सीता देवी विराजमान हैं। कथाव्यास निशांत कृष्ण जी महाराज आगामी दिनों में श्रीमद्भागवत के अन्य दिव्य प्रसंगों एवं लीलाओं का रसपान कराएंगे।
प्रतिदिन कथा के उपरांत भव्य भजन-कीर्तन, महाआरती और प्रसाद वितरण का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन को लेकर चिंताहरण धाम कारसदेव खाटूश्याम मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे पुष्पों, आकर्षक विद्युत झालरों और मनोहारी रोशनी से सजाया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। कथा पंडाल में पूरे समय “हर-हर महादेव” और “राधे-राधे” के जयघोष गूंजते रहे तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त किया।



