श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा भक्ति का सागर

जसवंतनगर रामलीला पंडाल में तृतीय दिवस

जसवंतनगर,इटावा। नगर में चल रहे श्रीरामलीला महोत्सव के अंतर्गत तृतीय दिवस पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा वाचन का सौभाग्य वृंदावन के प्रसिद्ध भगवताचार्य श्री तनय कृष्ण मिश्रा जी महाराज को प्राप्त हुआ। उन्होंने कुंती स्तुति, सुखदेव स्तुति और सुखदेव जन्म की दिव्य लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया, जिससे पूरा पंडाल भक्तिरस में सराबोर हो उठा।

कथा के दौरान आचार्य मिश्रा जी ने दान धर्म, कर्म धर्म और स्त्री धर्म के महत्व पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मानव जीवन तभी सार्थक होता है जब वह भगवत भक्ति और धर्म मार्ग पर अग्रसर रहता है। उन्होंने सनातन धर्म की महानता, उसके आचरण के मूल सिद्धांतों और जीवन में सदाचार के महत्व को प्रेरणादायक रूप में प्रस्तुत किया।

कथा समापन के उपरांत भगवान शंकर की भव्य झांकी नगर के प्रमुख मार्गों से निकाली गई, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। झांकी के बाद संपन्न हुई शिव आरती में पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा। इस अवसर पर वृंदावन के आचार्य शिवम जी और प्रसिद्ध रास-गायक अवध बिहारी जी ने अपने मधुर भजनों से भक्तों को भावविभोर कर दिया।

पूरे आयोजन का संचालन रामलीला समिति के प्रबंधक राजीव गुप्ता बबलू, उपप्रबंधक अजेन्द्र गौर, राजीव माथुर,राजेन्द्र गुप्ता, डॉ. पुष्पेंद्र पुरवार और गोपाल गुप्ता द्वारा अनुशासनपूर्वक एवं पूर्ण भक्ति भाव से किया गया। देर रात तक श्रद्धालु भजन संध्या और झांकी दर्शन में लीन रहे।

Related Articles

Back to top button