सेवा संकल्प: सैफई में दिखा सेवा-संवेदना का अद्भुत संगम

सैफई के आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रम सम्पन्न

सैफई,इटावा। सैफई के आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय,सैफई में गुरुवार को सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विभिन्न जनकल्याणकारी एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का भावपूर्ण आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ.अजय सिंह के मार्गदर्शन एवं प्रेरणादायी नेतृत्व एवं सहभागिता में आयोजित इन कार्यक्रमों में विश्वविद्यालय परिवार के चिकित्सकों,अधिकारियों शिक्षकों,कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ सहभागिता की।

कार्यक्रम के अंतर्गत रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, जिसमें लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया। न्यू ओपीडी परिसर में दिव्यांगजन कल्याण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर दिव्यांगजनों के सम्मान, सुविधा एवं अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। वहीं नुक्कड़ नाटक के माध्यम से समाज को सेवा, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।

मरीजों की सुविधा एवं सम्मान को प्राथमिकता देते हुए 70 वर्ष से अधिक आयु के मरीजों के लिए नए आयुष्मान काउंटर का शुभारंभ किया गया। साथ ही दिव्यांग मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ओपीडी में पंजीकरण एवं औषधि वितरण काउंटर का भी शुभारंभ किया गया।

कुलपति प्रोफेसर डॉ. अजय सिंह के नेतृत्व में विश्वविद्यालय में मरीजों के हित को केंद्र में रखते हुए अनेक महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। विश्वविद्यालय की प्रकाशित जानकारी के अनुसार आपातकालीन विभाग में मरीजों को प्रथम 24 घंटे में निःशुल्क जाँच एवं जीवनरक्षक उपचार उपलब्ध कराने की पहल की गई है। इसके साथ ही मरीजों के तीमारदारों एवं जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क भोजन सेवा की पहल भी की गई,जिससे चिकित्सा सेवा के साथ मानवीय संवेदना को भी प्राथमिकता मिली है।

मरीजों को आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए विश्वविद्यालय में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की व्यवस्था भी संचालित है,जिसका उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं तक सुगम पहुँच प्रदान करना है।

इस अवसर का सबसे भावपूर्ण दृश्य तब देखने को मिला,जब विश्वविद्यालय के संपूर्ण परिसर में 10 हजार 51 दीप प्रज्वलित किए गए। असंख्य दीपों से जगमगाता विश्वविद्यालय परिसर सेवा,समर्पण, मानवता और आशा का संदेश दे रहा था। प्रत्येक दीप मानो समाज के प्रति सेवा के एक संकल्प और मानव जीवन के प्रति संवेदना का प्रतीक बन गया।

कुलपति प्रोफेसर डॉ. अजय सिंह के नेतृत्व एवं प्रतिकुलपति प्रोफेसर डॉ. आदेश कुमार के सहयोग से आयोजित यह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं,बल्कि मानव सेवा को विश्वविद्यालय की कार्यसंस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल के रूप में सामने आया।

विश्वविद्यालय परिवार की सामूहिक सहभागिता ने यह संदेश दिया कि जब सेवा के लिए हाथ और संकल्प के लिए हृदय एक साथ जुड़ते हैं,तो संस्थान केवल शिक्षा और चिकित्सा का केंद्र नहीं रहता,बल्कि मानवता की सेवा का प्रकाश-स्तंभ बन जाता है।

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