सिर्फ 50 रुपये में पनीर या सोया चंक्स: किसमें मिलेगा सबसे ज्यादा प्रोटीन, जानिए पूरा गणित और सही डाइट चॉइस

Paneer vs Soya Chunks Protein: शाकाहारी खानपान में रोजाना की प्रोटीन जरूरत पूरी करने के लिए पनीर और सोया चंक्स दोनों ही सबसे लोकप्रिय विकल्प माने जाते हैं। वर्कआउट करने वाले, फिटनेस के शौकीन या वजन घटाने की कोशिश में जुटे लोग अक्सर अपनी थाली में इन दोनों को शामिल करते हैं। मगर जब बात बजट और पोषण के संतुलन की आती है, तो सवाल उठता है कि आपकी जेब के हिसाब से कौन सा विकल्प ज्यादा फायदेमंद साबित होगा। इसका सही आकलन केवल 100 ग्राम की पोषण वैल्यू से नहीं, बल्कि 50 रुपये खर्च करने पर मिलने वाले वास्तविक प्रोटीन की मात्रा से समझा जा सकता है।

पनीर पूरी तरह दूध से तैयार होता है, इसलिए इसमें उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन के साथ-साथ भरपूर कैल्शियम और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स भी मिलते हैं। सामान्य फुल फैट पनीर के 100 ग्राम हिस्से में अमूमन 18 से 20 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। बाजार में 400 रुपये प्रति किलो के औसत भाव को आधार मानें, तो 50 रुपये में करीब 125 ग्राम पनीर मिलता है, जिससे शरीर को लगभग 23 से 25 ग्राम प्रोटीन की प्राप्ति होती है।

दूसरी तरफ सोया चंक्स को कम बजट में प्रोटीन का सबसे बड़ा पावरहाउस माना जाता है। 100 ग्राम कच्चे या सूखे सोया चंक्स में करीब 50 से 52 ग्राम तक शुद्ध प्रोटीन होता है, जो पनीर की तुलना में ढाई गुना से भी अधिक है। बाजार में 140 रुपये प्रति किलो की औसत दर से 50 रुपये में लगभग 357 ग्राम सूखे सोया चंक्स आ जाते हैं, जिनमें कुल मिलाकर करीब 180 ग्राम प्रोटीन मौजूद होता है। हालांकि, इतनी बड़ी मात्रा एक बार में खाने के लिए नहीं होती, बल्कि इसे कई दिनों की डाइट में बांटकर खाया जाता है। पानी में भिगोने और पकाने पर इसका वजन जरूर बढ़ता है, मगर प्रोटीन की वास्तविक मात्रा उतनी ही रहती है।

किसमें आता है ज्यादा खर्चा

बजट के सीधे गणित पर नजर डालें तो सोया चंक्स पनीर को काफी पीछे छोड़ देते हैं। 50 रुपये खर्च करने पर जहां पनीर से मात्र 23 से 25 ग्राम प्रोटीन मिलता है, वहीं सोया चंक्स से करीब 180 ग्राम प्रोटीन हासिल हो सकता है। वजन घटाने और फैट लॉस के नजरिए से भी सोया चंक्स का पलड़ा भारी रहता है, क्योंकि फुल फैट पनीर में फैट और कैलोरी की मात्रा अधिक होती है, जबकि सोया चंक्स में फैट नगण्य और लीन प्रोटीन ज्यादा मिलता है।

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इसका मतलब यह कतई नहीं है कि पनीर को खानपान से पूरी तरह बाहर कर दिया जाए। पनीर से मिलने वाले प्राकृतिक फैट्स और कैल्शियम हड्डियों व हार्मोनल संतुलन के लिए बेहद उपयोगी हैं। इसलिए फिटनेस एक्सपर्ट्स दोनों को बारी-बारी से डाइट में रखने की सलाह देते हैं। बस ध्यान यह रखना चाहिए कि इन्हें बनाते समय ज्यादा तेल, मक्खन या हैवी ग्रेवी का इस्तेमाल न हो, ताकि इनके प्राकृतिक पोषक तत्व बरकरार रहें।

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