जंतर-मंतर के नारे पर विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने जताई आपत्ति
बोले- बेटियों के सम्मान और सुरक्षा की जिम्मेदारी परिवार के साथ पूरे समाज की

गाजियाबाद। लोनी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर महिलाओं के प्रदर्शन के दौरान लगाए गए एक नारे पर आपत्ति जताई। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में पिता, भाई और परिवार बेटियों के सम्मान और सुरक्षा के लिए हमेशा खड़े रहते हैं।
विधायक ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान महिलाओं की ओर से लगाए गए ‘एक कचौड़ी, दो समोसा… मर्द जात पर नहीं है भरोसा’ जैसे नारे पारिवारिक मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा और सम्मान केवल सरकार की नहीं, बल्कि परिवार और समाज की भी जिम्मेदारी है।
नंदकिशोर गुर्जर ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को लेकर अपनी टिप्पणी में पौराणिक पात्रों शूर्पणखा और ताड़का का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में बेटियों को देवी का दर्जा दिया गया है। उन्होंने रामप्यारी गुर्जर, नायिका देवी और महारानी लक्ष्मीबाई को महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।



