गाजियाबाद में ब्रह्म समागम: डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने ब्राह्मण समाज से एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान का किया आह्वान

गाजियाबाद। पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में आयोजित ब्रह्म समागम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने सहभागिता की। उन्होंने ब्राह्मण समाज की गौरवशाली परंपरा, त्याग, समर्पण और राष्ट्रवाद को रेखांकित करते हुए समाज से एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ब्राह्मण समाज ने सदैव राष्ट्र और समाज को सर्वोपरि रखा है। समाज निर्माण में दिए गए संस्कार आज भी नई पीढ़ी को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने ऋषि दधीचि के त्याग का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी तपस्या और समर्पण समाज एवं राष्ट्र कल्याण की प्रेरणा देता है।
बृजेश पाठक ने कहा कि समाज को संगठित, संस्कारित और सुव्यवस्थित बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने सामाजिक एकता और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज को अपनी गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए सामाजिक सहभागिता और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
कार्यक्रम शुरू होने से पूर्व उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेता एवं राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र की धर्मपत्नी स्वर्गीय सत्यवती देवी के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम के आयोजक आर.डी. शर्मा ने सभी अतिथियों एवं समाज के गणमान्य लोगों का स्वागत किया। उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश से पहुंचे ब्राह्मण समाज के लोगों एवं जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए समाज की एकजुटता का आह्वान किया।
इस अवसर पर शहर विधायक संजीव शर्मा, विधान परिषद सदस्य सुनील भराला, नानक चंद शर्मा, अमरेश शर्मा, धर्मेंद्र भारद्वाज, लोकेश दीक्षित, आरती शर्मा (बागपत), आरती त्यागी, आदेश फौजी, प्रदीप शर्मा, सुनील शर्मा, महेंद्र दत्त शर्मा, पंकज मुद्गल, विशाल गोस्वामी, मनीष भार्गव, अंकुर शर्मा, विनय शर्मा सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
वहीं, ब्रह्म समागम में पहुंचे उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक का पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार पहुंचने पर महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल एवं पंकज भारद्वाज के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ उनका अभिनंदन करते हुए उन्हें भगवान परशुराम का फरसा भेंट किया।
ब्रह्म समागम में सामाजिक एकता, संस्कार, सहभागिता और राष्ट्र निर्माण में ब्राह्मण समाज की भूमिका पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम ने समाज के विभिन्न वर्गों एवं प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाकर सामाजिक समरसता और संगठन की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।



