‘एनिमल’ हिट हुई तो हर फिल्म वैसी नहीं चलेगी! करीना कपूर ने इंडस्ट्री को सुनाई खरी-खरी

Animal Movie Controversy: बॉलीवुड की शीर्ष अभिनेत्री करीना कपूर इन दिनों अपनी बहुप्रतीक्षित आगामी फिल्म ‘दायरा’ को लेकर सुर्खियों के केंद्र में हैं। मेघना गुलजार के संवेदनशील निर्देशन में तैयार हुई इस फिल्म में करीना दक्षिण भारतीय सुपरस्टार पृथ्वीराज सुकुमारन के साथ स्क्रीन साझा करती नजर आएंगी।

ये फिल्म आगामी 18 सितंबर को देशभर के सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है। फिल्म के प्रमोशन के सिलसिले में आयोजित एक विशेष साक्षात्कार के दौरान करीना कपूर ने हिंदी सिनेमा जगत में वर्षों से चली आ रही ‘भेड़चाल’ और फॉर्मूला फिल्मों की अंधी दौड़ पर तीखा प्रहार किया है। अभिनेत्री ने अपने चचेरे भाई रणबीर कपूर की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘एनिमल’ का हवाला देते हुए दर्शकों की विकसित होती समझ की जमकर सराहना की।

स्टारडम और जॉनर से परे हुआ दर्शक वर्ग

इंटरव्यू के दौरान सिनेमा के मौजूदा मिजाज का विश्लेषण करते हुए करीना ने स्पष्ट किया कि आज का भारतीय दर्शक पहले के किसी भी दौर की तुलना में कहीं अधिक सजग और परिपक्व हो चुका है। अब दर्शक केवल किसी बड़े सुपरस्टार के चेहरे या किसी खास जॉनर के टैग को देखकर सिनेमाघरों का रुख नहीं करते हैं। करीना के शब्दों में, सिनेमाप्रेमी अब स्पष्ट रूप से अच्छी और औसत दर्जे की फिल्मों के बीच का अंतर पहचानने लगे हैं और वे थिएटर्स में केवल उसी कंटेंट को प्राथमिकता दे रहे हैं जो उन्हें वास्तव में आकर्षित करता है। वह दौर अब पूरी तरह पीछे छूट चुका है जब सिर्फ टीनएज या युवा प्रेम कहानियों का ही बॉक्स ऑफिस पर एकछत्र राज हुआ करता था।

‘एनिमल’ का उदाहरण देकर मेकर्स को दी दो टूक नसीहत

बॉलीवुड में किसी एक हिट फॉर्मूले के पीछे आंख मूंदकर दौड़ने की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए करीना ने साल 2023 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘एनिमल’ का बड़ा उदाहरण पेश किया। उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि यदि संदीप रेड्डी वांगा के निर्देशन में बनी फिल्म में दिखाई गई अत्यधिक हिंसा और आक्रामकता को दर्शकों ने बड़े स्तर पर स्वीकार कर लिया, तो इसका यह कतई अर्थ नहीं निकलता कि इंडस्ट्री की हर अगली फिल्म में केवल हिंसा परोसकर सफलता की गारंटी तय की जा सकती है। उन्होंने फिल्म निर्माताओं को आगाह किया कि सफलता के किसी एक ट्रेंड को हर प्रोजेक्ट पर जबरन थोपना रचनात्मकता के साथ बड़ा धोखा है।

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200 या 500 करोड़ का दबाव और भेड़चाल से मुक्ति की राह

अभिनेत्री ने आगे रेखांकित किया कि फिल्म उद्योग अक्सर बिना सोचे-समझे भीड़ मानसिकता (हर्ड मेंटैलिटी) के शिकंजे में फंस जाता है। निर्माता अब यह मानकर कंटेंट नहीं बना सकते कि सिर्फ कॉमेडी या एक्शन का मुलम्मा चढ़ा देने से हर दर्शक खिंचा चला आएगा। करीना ने बॉक्स ऑफिस के मौजूदा आंकड़ों पर यथार्थवादी रुख अपनाते हुए कहा कि सिनेमा जगत की हर फिल्म से 200 करोड़ या 500 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड तोड़ कलेक्शन की उम्मीद पालना व्यावहारिक नहीं है। हालांकि, उन्हें इस बात का संतोष है कि समय के साथ यह संकीर्ण सोच धीरे-धीरे बदल रही है और खुद देश के समझदार दर्शक अपनी पसंद-नापसंद के जरिए फिल्मकारों को इस बदलाव के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

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