गाले टेस्ट से पहले टीम इंडिया ने चल दिया ऐसा मास्टरस्ट्रोक, श्रीलंका के बल्लेबाज मान लेंगे हार

Galle test 2026: शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम 15 अगस्त से श्रीलंका दौरे पर टेस्ट सीरीज़ शुरू करने जा रही है। गाले में होने वाले मैच के लिए टीम ने मेज़बान टीम को चुनौती देने के लिए प्लेइंग XI में एक या दो नहीं, बल्कि तीन बाएं हाथ के स्पिनरों को शामिल करने की रणनीति बनाई है। टीम इंडिया के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल ने पहले टेस्ट से पहले इस रणनीति का संकेत दिया।
टीम इंडिया के बॉलिंग कोच ने पिच के बारे में क्या कहा?
गाले की पिच से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए मोर्ने मोर्कल ने कहा, “हालात को देखते हुए मुझे लगता है कि यह एक अच्छी पिच है। मेरी राय में, जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा, पिच में बदलाव देखने को मिलेंगे। टीम ने हर तरह की स्थिति के लिए अच्छी तैयारी की है। इन हालात में मानसिक रूप से मज़बूत रहना, लंबे समय तक बल्लेबाज़ी करना और सटीक गेंदबाजी करना बहुत ज़रूरी होगा।”
तीन बाएं हाथ के स्पिनर, लेकिन अलग-अलग बॉलिंग स्टाइल
उन्होंने कहा, “कुलदीप हमारे साथ हैं और वह एक आक्रामक गेंदबाज़ हैं; उनका अनुभव और काबिलियत हमारे लिए बहुत अहम है। टीम में तीन बाएं हाथ के गेंदबाज़ों का होना हमारे लिए कोई समस्या नहीं है।” उन्होंने विस्तार से बताया कि मानव सुथार में गेंद को काफी घुमाने की काबिलियत है, जबकि रवींद्र जडेजा ज़्यादा सटीकता के साथ गेंदबाजी करते हैं। यह कहते हुए कि ये तीनों मिलकर 20 विकेट लेने में सक्षम हैं, मोर्कल ने संकेत दिया कि भारतीय टीम पहले टेस्ट के लिए तीन बाएं हाथ के स्पिनरों को चुन सकती है।
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तेज़ गेंदबाजी आक्रमण में किसे मौका मिलेगा? उन्होंने साफ़ किया कि मोहम्मद सिराज के साथ प्रसिद्ध कृष्णा या गुरनूर बरार में से जिसे भी मौका मिलेगा, वह ज़िम्मेदारी निभाने में सक्षम होगा। उन्होंने बताया कि 20वें से 35वें ओवर के बाद तेज़ गेंदबाज़ों के लिए एक अलग चुनौती होगी; जब गेंद अपनी कठोरता खो देगी, तो क्रीज़ को मैनेज करना और शॉर्ट गेंदों का सही इस्तेमाल करना बहुत ज़रूरी होगा।



