जरूरतमंदों की सेवा ही था स्व. मकबूल अहमद नूरी के जीवन का मकसद : डॉ. ए. के. सिंह

श्रद्धांजलि सभा में संस्था शहीद वीर अब्दुल हमीद के मिशन को आगे बढ़ाने का लिया गया संकल्प

सुलतानपुर। जनपद में समाजसेवा को जीवन का उद्देश्य बनाकर जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा आगे रहने वाले समाजसेवी स्व. मकबूल अहमद नूरी की स्मृति में संयुक्त सेवा समिति के तत्वावधान में शहर के एक होटल में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई।

सभा में जिले की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी, समाजसेवी, पत्रकार और बड़ी संख्या में शुभचिंतक मौजूद रहे। सभी ने स्व. मकबूल अहमद नूरी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता संयुक्त सेवा समिति के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ सर्जन डॉ. ए.के. सिंह ने की। उन्होंने कहा कि स्व. मकबूल अहमद नूरी का पूरा जीवन जरूरतमंदों की सेवा के लिए समर्पित रहा।

उन्होंने कभी धर्म और जाति के आधार पर इंसान को नहीं देखा, बल्कि इंसानियत को सबसे ऊपर रखा। समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों की मदद करना ही उनके जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य था। डॉ. ए.के. सिंह ने कहा कि स्व. नूरी केवल समाजसेवी नहीं, बल्कि शहीद वीर अब्दुल हमीद के विचारों और देशभक्ति की भावना को समाज तक पहुंचाने वाले व्यक्तित्व थे।

शहीद वीर अब्दुल हमीद की वीरता, त्याग और देश के प्रति समर्पण से प्रेरणा लेकर उन्होंने समाजसेवा को आगे बढ़ाया और शहीद वीर अब्दुल हमीद एसोसिएशन की स्थापना कर सामाजिक सरोकारों को मजबूत करने का काम किया।

सरदार बलदेव ने कहा कि स्व. नूरी हर सामाजिक कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। उनकी कमी समाज को हमेशा महसूस होती रहेगी। अमर बहादुर सिंह ने कहा कि उनका व्यक्तित्व बेहद सरल और सहज था तथा वह हर किसी की मदद के लिए सदैव तैयार रहते थे। रुद्र प्रताप सिंह मदन ने कहा कि स्व. नूरी के सामाजिक कार्य आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे।

इस अवसर पर स्व. मकबूल अहमद नूरी के पुत्र पत्रकार सरफराज अहमद ने भावुक होते हुए कहा कि पिता जी ने पूरी जिंदगी लोगों की सेवा में लगा दी। उन्होंने जो मिशन शुरू किया था, वह उनके जाने के बाद भी रुकेगा नहीं। उनका परिवार शहीद वीर अब्दुल हमीद के नाम और पिता जी की सेवा भावना को आगे बढ़ाते हुए समाज के जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हमेशा खड़ा रहेगा।

सभा में शहीद वीर अब्दुल हमीद एसोसिएशन के संरक्षक जलील अंसारी, अब्दुल गफ्फार, शाह मोहम्मद, अफजाल अंसारी, उपाध्यक्ष जावेद अंसारी, मीडिया प्रभारी सुजीत कसौधन, पत्रकार सतनाम सिंह, प्रमोद यादव, नवनीत सिंह, शुभम गौतम, मोहम्मद काशिफ सहित स्व. नूरी के पुत्र सरफराज अहमद, मास्टर मोहम्मद अहमद, रिजवान अहमद, जुबेर अहमद और इरफान अहमद मौजूद रहे। इसके अलावा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं से नीरव पाण्डेय, अंजनी जायसवाल, अनिल द्विवेदी, शिवाकांत पाण्डेय, रज्जन सिंह, डॉ. प्रकाश तिवारी, परितोष गुप्ता, अभिषेक सिंह, हिमांशु और अनूप मिश्रा समेत दर्जनों लोगों ने उपस्थित होकर श्रद्धांजलि अर्पित की। सभा में मौजूद लोगों ने एक स्वर में कहा कि मकबूल अहमद नूरी भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी इंसानियत, समाजसेवा और शहीद वीर अब्दुल हमीद के प्रति समर्पण की विरासत हमेशा जीवित रहेगी।

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