मिनटों में छूमंतर होगी सारी टेंशन, अपनाएं ये 3 अचूक साइकोलॉजिकल ट्रिक्स और पाएं तुरंत राहत

stress relief tips: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में, चाहे आप दिल्ली की मेट्रो में सफर कर रहे हों या मुंबई के ट्रैफिक में फंसे हों, ऑफिस का वर्कलोड और रिलेशनशिप की उलझनें कभी न कभी स्ट्रेस का कारण बन ही जाती हैं।
कई बार यह स्ट्रेस इतना बढ़ जाता है कि क्रॉनिक स्ट्रेस का रूप ले लेता है। ऐसे में आपको मांसपेशियों में खिंचाव, दर्द और पेट में गुड़गुड़ाहट जैसी शारीरिक समस्याएं महसूस होने लगती हैं। अगर आपको भी अचानक घबराहट या बेचैनी होने लगे, तो घबराएं नहीं। मनोविज्ञान (Psychology) में ऐसे कई अचूक उपाय हैं, जो आपके दिमाग को फौरन शांत कर सकते हैं। आइए जानते हैं वो 3 साइकोलॉजिकल ट्रिक्स जो आपके बढ़े हुए स्ट्रेस लेवल को मिनटों में कम कर देंगी।
नेचर साउंड थेरेपी: दिमाग को मिलेगा सुकून
जब भी आप खुद को तनाव से घिरा हुआ पाएं, तो सबसे पहले नेचर (प्रकृति) के साउंड को सुनने की कोशिश करें। पेड़-पौधों की सरसराहट, हवा की आवाज और पक्षियों की चहचहाहट दिमाग पर जादुई असर करती है।
रिसर्च बताती है कि जब हमारा माइंड प्राकृतिक आवाजों को सुनता है, तो वह खुद को पूरी तरह से सुरक्षित महसूस करता है और स्ट्रेस हार्मोन कम होने लगते हैं। अगर आप किसी मेट्रो सिटी की ऊंची बिल्डिंग या बंद ऑफिस में हैं और नेचर के करीब जाना संभव नहीं है, तो आप अपने मोबाइल या लैपटॉप पर भी नेचर साउंड्स प्ले कर सकते हैं। यह ट्रिक आपको तुरंत रिलैक्स करेगी।
ठंडे पानी का जादू: एक्टिवेट होगी वेगस नर्व
अचानक से पैनिक अटैक या तेज घबराहट महसूस होने पर यह ट्रिक सबसे ज्यादा कारगर है। जब भी एंग्जायटी हावी हो, तुरंत अपने चेहरे पर ठंडे पानी के छींटे मारें। साइकोलॉजी के अनुसार, चेहरे पर ठंडा पानी पड़ते ही हमारी ‘वेगस नर्व’ (Vagus Nerve) तुरंत एक्टिवेट हो जाती है। यह नर्व हमारे पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम को बढ़ावा देती है, जो सीधे आपके दिमाग को शांत होने का सिग्नल भेजता है। इससे आपकी तेज धड़कनें और बेचैनी चंद सेकंड में नॉर्मल होने लगती है।
फिजियोलॉजिकल साई: सांस लेने का सही तरीका
अक्सर टेंशन में हमारी सांसें तेज और छोटी हो जाती हैं। हमें लगता है कि फेफड़ों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच रही है। ऐसी स्थिति में आपको अपनी सांसों की गति को बिल्कुल धीमा करना होगा।
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विज्ञान की भाषा में इसे ‘फिजियोलॉजिकल साई’ (Physiological Sigh) कहा जाता है। इसके लिए पहले अपने फेफड़ों में हवा भरने के लिए लगातार दो बार गहरी सांस अंदर खींचें, और फिर बिल्कुल धीरे-धीरे मुंह से सांस को बाहर छोड़ें। यह खास ब्रीदिंग पैटर्न आपके ब्रेन को शांत करता है और सेंट्रल नर्वस सिस्टम को रिलैक्स कर स्ट्रेस से तुरंत राहत दिलाता है।



