डॉक्टर लूटकांड के दो बदमाश मुठभेड़ में ढेर
स्कूल में घुसकर बच्चों को बनाया ढाल,दो सिपाही गोली लगने से घायल:कई घंटे चला सर्च ऑपरेशन

इटावा। इटावा के चर्चित डॉक्टर लूटकांड के फरार दो बदमाश शुक्रवार को इटावा एसओजी, फिरोजाबाद पुलिस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अलग-अलग मुठभेड़ों में मार गिराए गए।
मुठभेड़ के दौरान दोनों बदमाशों ने बचने के लिए प्राथमिक विद्यालय में घुसकर बच्चों को ढाल बनाने की कोशिश की और पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एसओजी के दो सिपाही डेविड चौहान और पुष्पेंद्र चौधरी गोली लगने से घायल हो गए। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद आगरा रेफर किया गया।
3 जुलाई को लूट के बाद थे फरार दोनों आरोपी
पुलिस के अनुसार,3 जुलाई को फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र में एक डॉक्टर से हुई लूट के मामले में सुमित यादव उर्फ विवेक निवासी नगला हरनाथ,थाना सैफई और अंकित उर्फ सीपू निवासी भरथना फरार चल रहे थे। खुफिया सूचना पर शुक्रवार सुबह एसओजी टीम शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन पहुंची,जहां दोनों बदमाश संबलपुर एक्सप्रेस से उतरकर भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया तो बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में फायरिंग शुरू कर दी।
ट्रेन से उतरते ही बच्ची को बनाया बंधक:फिर लूटी बाइक
बताया गया कि ट्रेन से उतरने के बाद दोनों बदमाशों ने एक मासूम बच्ची को पकड़कर अपनी ढाल बनाया। कुछ दूरी पर बच्ची को छोड़ने के बाद तमंचे के बल पर एक राहगीर से बाइक लूट ली और उसी बाइक से भागते हुए पुलिस पर लगातार गोलियां चलाते रहे। करीब छह किलोमीटर तक पीछा करने के बाद नगला कनई गांव के पास बाइक का पेट्रोल खत्म हो गया, जिसके बाद दोनों स्कूल परिसर में घुस गए।
स्कूल में मची अफरा-तफरी: बच्चों को बनाया ढाल
नगला कनई स्थित प्राथमिक विद्यालय में उस समय कक्षाएं चल रही थीं। दोनों बदमाश दीवार फांदकर परिसर में घुसे और बच्चों व शिक्षकों को अपनी ढाल बनाने का प्रयास किया। गोलियों की आवाज से विद्यालय में अफरा-तफरी मच गई। बच्चे चीखने लगे और शिक्षक उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में जुट गए। पुलिस ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूल की ओर फायरिंग रोक दी और रणनीति बदलकर बदमाशों की घेराबंदी की।
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका कृष्णा यादव ने बताया कि सबसे बड़ी चिंता बच्चों की सुरक्षा को लेकर थी। राहत की बात रही कि घटना में कोई छात्र या शिक्षक घायल नहीं हुआ।
दो सिपाहियों को लगी गोली
मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की फायरिंग में एसओजी के आरक्षी डेविड चौहान और पुष्पेंद्र चौधरी घायल हो गए। एक सिपाही के पेट तथा दूसरे के कंधे में गोली लगी। दोनों को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद आगरा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
खेतों में छिपे किसान: गांव में मचा हड़कंप
बदमाश स्कूल से निकलकर खेतों की ओर भागे तो पूरे इलाके में दहशत फैल गई। मक्का और चरी के खेतों में काम कर रहे किसान जान बचाने के लिए फसलों के बीच छिप गए। पुलिस ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर लोगों की आवाजाही रोक दी और सघन कॉम्बिंग अभियान शुरू किया।
अलग-अलग मुठभेड़ों में दोनों बदमाश ढेर
एक बदमाश मोहब्बतपुर अहीर मार्ग के पास चरी के खेत में हुई मुठभेड़ में मारा गया, जबकि दूसरा नीमखेड़िया क्षेत्र में पुलिस से हुई दूसरी मुठभेड़ में ढेर हो गया। पुलिस ने दोनों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए।
चलती बाइक से करते रहे फायरिंग
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दोनों बदमाश बेहद शातिर थे। एक बदमाश बाइक चला रहा था जबकि दूसरा पीछे उल्टा बैठकर लगातार पुलिस पर फायरिंग करता रहा। एसओजी और पुलिस टीम ने संयम बरतते हुए जवाबी कार्रवाई की और अंततः दोनों को मार गिराया।
32 से अधिक मुकदमों का था आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार मारे गए बदमाशों पर इटावा, फिरोजाबाद,मैनपुरी सहित गुजरात तक कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। इनमें से एक आरोपी पर 32 से अधिक मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
ऑपरेशन के दौरान एसएसपी ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव, एसएसपी आदित्य लांग्हे एएसपी अभय नाथ त्रिपाठी, एएसपी अनुज चौधरी सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। कई घंटे तक चले अभियान के बाद दोनों बदमाशों को ढेर कर पूरे क्षेत्र को सुरक्षित किया गया।



