सिर्फ़ यादें बची हैं; इस अनोखे गाँव में इंसानों से ज़्यादा मूर्तियां हैं, वजह आपको हैरान कर देंगी

Doll Village Nagoro: क्या आपने कभी ऐसे गाँव के बारे में सुना है जहाँ असली लोगों से ज़्यादा गुड़िया हैं? यह सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन जापान के शिकोकू द्वीप पर बसा नागोरो गाँव बिल्कुल ऐसा ही है। आपको सड़क किनारे बैठे बुज़ुर्ग, खेतों में काम करते किसान और स्कूल में पढ़ते बच्चे दिख सकते हैं; लेकिन पास से देखने पर पता चलता है कि वे असली लोग नहीं, बल्कि गुड़िया हैं। इसी वजह से यह गाँव दुनिया भर में ‘स्केयरक्रो विलेज’ (बिजूका गाँव) या ‘गुड़ियों का गाँव’ के नाम से जाना जाता है।
एक समय था जब नागोरो भी दूसरे गाँवों की तरह ही लोगों की चहल-पहल से भरा रहता था। वहाँ परिवार रहते थे, बच्चे स्कूल जाते थे और खेती-बाड़ी होती थी। लेकिन समय के साथ, बेहतर शिक्षा और नौकरी के मौकों की तलाश में युवा बड़े शहरों की ओर चले गए। धीरे-धीरे गाँव खाली हो गया। आज वहाँ सिर्फ़ 25 से 30 लोग ही रहते हैं, जबकि गाँव में 350 से ज़्यादा गुड़िया हैं।
खाली घर और सुनसान सड़कें
यह अनोखा आइडिया अयानो त्सुकिमी नाम की एक स्थानीय निवासी का था। जब वह कई सालों बाद अपने गाँव लौटीं, तो उन्होंने देखा कि उनके बचपन का चहल-पहल वाला गाँव पूरी तरह बदल चुका था। खाली घरों और सुनसान सड़कों को देखकर उन्हें दुख हुआ। उन्होंने सबसे पहले अपने पिता जैसी दिखने वाली एक गुड़िया बनाई और उसे खेत में रख दिया। दूर से गुज़रने वाले लोगों को वह खेत में काम करता किसान लगा। इससे उनके मन में एक नया विचार आया।
पहली नज़र में असली इंसान लगने वाली गुड़िया
अयानो ने उन लोगों की याद में असली दिखने वाली आकृतियाँ बनाना शुरू किया जो गाँव छोड़कर चले गए थे या जिनकी मौत हो चुकी थी। उन्होंने खेतों में किसानों, दुकानों में दुकानदारों, बस स्टॉप पर इंतज़ार करते यात्रियों और स्कूल में बच्चों और शिक्षकों की मूर्तियाँ रखीं। ये आकृतियाँ इतनी असल और जीवंत लगती हैं कि कोई भी पहली नज़र में धोखा खा सकता है; उनके कपड़े, चेहरे के भाव और बैठने-खड़े होने का अंदाज़ बिल्कुल असली इंसानों जैसा है।
बीते दिनों की यादें
नागोरो का पुराना स्कूल अब पर्यटकों के आकर्षण का एक बड़ा केंद्र है। क्लासरूम में बच्चे बैठे और शिक्षक सामने खड़े दिखते हैं, लेकिन पूरी क्लास इन्हीं आकृतियों से भरी हुई है। पूरे गाँव में ऐसे ही नज़ारे देखने को मिलते हैं, जो पुरानी यादें ताज़ा कर देते हैं। हालाँकि गाँव का रूप-रंग थोड़ा अजीब है, फिर भी यहाँ आने वाले लोग अक्सर कहते हैं कि यहाँ का माहौल डरावना नहीं, बल्कि दिल को छू लेने वाला है।
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दुनिया भर में मशहूर एक अनोखा गाँव
यहाँ की हर मूर्ति उस व्यक्ति को श्रद्धांजलि है जो कभी इस गाँव का हिस्सा था। इस तरह, नागोरो सिर्फ़ एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन से कहीं ज़्यादा बन गया है; यह बदलते समय और गाँवों से लोगों के पलायन की एक जीती-जागती कहानी बन गया है। आज, दुनिया भर से लोग इसे देखने आते हैं। नागोरो यह संदेश देता है कि किसी जगह की असली पहचान वहाँ रहने वाले लोगों से होती है। भले ही समय के साथ लोग दूर चले जाएँ, लेकिन उनकी यादें बनी रहती हैं। शायद इसीलिए यह छोटा सा गाँव अब अपनी अनोखी और दिल को छू लेने वाली कहानी के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।



