अधिवक्ता-दस्तावेज लेखकों ने सौंपा ज्ञापन
ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

जसवंतनगर,इटावा। जसवंतनगर मॉडल तहसील परिसर में अधिवक्ताओं,दस्तावेज लेखकों एवं स्टांप वेंडरों ने महानिरीक्षक निबंधन, उत्तर प्रदेश,लखनऊ द्वारा जारी ई-पंजीकरण संबंधी आदेश के विरोध में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार अभिजीत गौरव को सौंपा। उपजिलाधिकारी की अनुपस्थिति में तहसीलदार ने ज्ञापन प्राप्त किया।
ज्ञापन में अधिवक्ताओं एवं दस्तावेज लेखकों ने कहा कि महानिरीक्षक निबंधन, उत्तर प्रदेश,लखनऊ के पत्रांक ई-पंजीकरण/शि०का०/लखनऊ/2026 4 जून 2026 के माध्यम से प्रस्तावित ई-पंजीकरण व्यवस्था से अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेताओं तथा आम नागरिकों के हित प्रभावित होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि नई व्यवस्था लागू होने से पारंपरिक पंजीकरण प्रक्रिया से जुड़े लोगों के समक्ष रोजगार का संकट उत्पन्न हो सकता है तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से मांग की गई कि संबंधित आदेश पर पुनर्विचार करते हुए अधिवक्ताओं,दस्तावेज लेखकों और स्टांप विक्रेताओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
इस दौरान संजीव यादव एडवोकेट,सौमिल सक्सेना एडवोकेट,मनोज सिंह, संदीप वर्मा,सौरभ यादव,रवि यादव,मानसिंह यादव,अनिल तिवारी, बृजराज सिंह, विनीता यादव, अंकित यादव, रामगोपाल, अवधेश यादव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक एवं स्टांप वेंडर उपस्थित रहे।



