भारतीय ‘जुगाड़’ के मुरीद हुए इस देश के राष्ट्रपति, कहा- साथ काम करने में आएगा मजा
भारत और दक्षिण कोरिया के बीच हुए नए समझौतों से व्यापार, तकनीक और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

नई दिल्ली में भारत और दक्षिण कोरिया के बीच हुई हाई लेवल बैठक ने दोनों देशों के रिश्तों को एक नई दिशा दी है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने भारत की रचनात्मक सोच और सीमित संसाधनों में समाधान निकालने की क्षमता की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यही गुण भारत को खास बनाते हैं।
इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच 15 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जो भविष्य में व्यापार, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में बड़े बदलाव ला सकते हैं।
“जुगाड़” और सामुदायिक भावना का मेल
राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने कहा कि भारत की “जुगाड़” सोच और कोरिया की सामुदायिक भावना अगर साथ आ जाए तो बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। उन्होंने इसे दोनों देशों की ताकतों का अनोखा संगम बताया।
उनके अनुसार, सीमित संसाधनों में भी समाधान खोजने की भारतीय क्षमता और कोरियाई सहयोग की भावना मिलकर वैश्विक स्तर पर प्रभाव पैदा कर सकती है।
वैश्विक चुनौतियों के बीच नए सहयोग की जरूरत
कोरियाई राष्ट्रपति ने मौजूदा वैश्विक हालात का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है। आर्थिक और डिजिटल क्षेत्र में बढ़ती बाधाओं के बीच देशों को पुराने तरीकों से आगे बढ़कर नए सहयोग मॉडल अपनाने चाहिए।
उन्होंने भारत को एक भरोसेमंद साझेदार बताया और कहा कि दोनों देश मिलकर एक बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
भारत को बताया वैश्विक विकास का केंद्र
ली जे म्युंग ने भारत को दुनिया की सबसे बड़ी जनसंख्या वाला बाजार बताते हुए इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ कहा। उन्होंने भारत की विकास यात्रा और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को भी सराहा।
सांस्कृतिक रिश्तों से मजबूत हो रहे संबंध
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर दोनों देशों के पुराने सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भारत और कोरिया के बीच सदियों पुराना इतिहास जुड़ा हुआ है, जिसमें अयोध्या की राजकुमारी और कोरियाई परंपराओं की कहानियां शामिल हैं।
पाकिस्तान में उमड़ा ‘हिंदू आस्था’ का सैलाब! 3 लाख भक्तों ने रचा इतिहास, पिछले सारे रिकॉर्ड टूटे
आपको बता दें कि आज के समय में के-पॉप और के-ड्रामा भारत में लोकप्रिय हो रहे हैं, जबकि भारतीय फिल्में और संस्कृति भी कोरिया में अपनी पहचान बना रही हैं। इस बढ़ते सांस्कृतिक जुड़ाव को और मजबूत करने के लिए 2028 में फ्रेंडशिप फेस्टिवल आयोजित करने की योजना है।



