रूपवास के लाल महल और शाही जलाशय का निर्माण ठाकुर रूपसिंह ने कराया था – डॉ. ऋषिपाल सिंह परमार

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष और इतिहास एवं धरोहर संरक्षण प्रेमी डॉ ऋषिपाल सिंह परमार ने बताया है कि रूपवास एक एतिहासिक शहर है जिसका वर्णन इतिहास में ठाकुर रूपसिंह के जागीर की रूप में किया गया है। ठाकुर रूपसिंह को चित्तौडग़ढ़ के राणाओं का वंशज माना जाता है ।
भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण विभाग की जानकारी के अनुसार उनके द्वारा एक महल और शाही जलाशय का निर्माण कराया गया था यह महल लाल बलुआ पत्थरों से निर्मित होने के कारण लाल महल के नाम से प्रसिद्ध है इस महल के अंतर्गत कुल पांच प्रांगण बने हुए हैं जिसमैं प्रवेश हेतु एक विशाल महरावदार दरवाजा है और इसके सामने एक विशाल शाही जलाशय बना हुआ है यह 17 वीं सदी ईं मैं बनाया गया था और अब यह महल पुरातत्व विभाग की देख रेख में है और आज इसके अन्दर तहसीलदार और प्रशासन के लोग बैठते हैं और प्रशासन का संचालन करते हैं।
आज के समय में प्रशासन की जरूरत है कि इस लाल महल की देख रेख अच्छे से हो और इस जलाशय की मरम्मत करके उसके पानी की नियमित सफाई कराकर इसमैं वोटिंग की सुविधा चालू कराई जाए जिससे पर्यटकों का आना जाना भी बना रहे और शहर के अंदर यातायात मैं बड़ी समस्या होती है इसके लिए शहर के अंदर चौड़ीकरण का कार्य किया जाए और इस एतिहासिक शहर की पहचान बनी रहे और इसका महत्व भी बना रहे।
हम सभी की प्रशासन से यही माँग है कि इस लाल महल और तालाब के बनवाने वाले ठाकुर रूपसिंह से संबंधित जानकारी इस महल में एक पत्थर पर लगाकर दी जाए!!



