दुनिया भर में तेल की कीमतों में ‘आग’, भारत में शांति! जानें सरकार ने कैसे किया ये करिश्मा

Petrol price news 2026: हाल के दिनों में ईरान में शुरू हुए संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में हलचल मचा दी है। ग्लोबल ऑयल प्राइस वेबसाइट globalpetrolprices.com के ताजा आंकड़ों के अनुसार ब्रेंट क्रूड और पेट्रोल-डीजल के भाव तेजी से बढ़े हैं। इससे दुनिया के कई मुल्कों में लोगों की जेब पर दबाव बढ़ गया है। हालांकि भारत में अभी तक आम नागरिक के लिए पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी

युद्ध से पहले ब्रेंट क्रूड $71.28 प्रति बैरल था। अब इसकी कीमत बढ़कर $109 प्रति बैरल तक पहुंच गई है। इसी अवधि में पेट्रोल की वैश्विक औसत कीमत $1.2 से $1.4 प्रति लीटर और डीजल $1.52 प्रति लीटर तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव और सप्लाई में बाधाओं ने इस उछाल को जन्म दिया है।

कई देशों में दाम दोगुने तक

जिन मुल्कों में ईंधन की कीमतें बाजार तय करता है, वहां रेट में भारी बढ़ोतरी हुई है। म्यांमार में पेट्रोल 100% और डीजल 119.9% महंगा हो गया। फिलीपींस में डीजल 111% और पेट्रोल 71.6% बढ़ा। मलेशिया में पेट्रोल 52.4% और डीजल 84.6% महंगा हुआ। यूएई में पेट्रोल 40.8% और डीजल 86.1% तक बढ़ गए। ऑस्ट्रेलिया में पेट्रोल 46.5% और डीजल 64.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

यूरोप और अमेरिका में भी महंगाई

यूरोप और अमेरिका के बाजारों में भी तेल की कीमतों में उछाल देखा गया। अमेरिका में पेट्रोल 31.1% और डीजल 41.8% महंगा हुआ। वहीं जर्मनी और फ्रांस में डीजल के दाम 30% से अधिक बढ़े हैं।

डीजल पेट्रोल से ज्यादा महंगा क्यों?

विश्लेषण बताता है कि डीजल की कीमतों में तेजी पेट्रोल की तुलना में अधिक रही है। इसके पीछे मुख्य कारण हैं – परिवहन और उद्योगों में डीजल की ज्यादा मांग, सप्लाई में रुकावट और रिफाइनिंग का बढ़ता खर्च।

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भारत में दाम क्यों स्थिर हैं?

भारत में ग्लोबल उछाल के बावजूद पेट्रोल-डीजल के रेट बदल नहीं रहे। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर हैं। मंत्रालय ने कहा है कि तेल कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है, मगर जनता पर बोझ नहीं डाला गया। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीति के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेज बढ़ोतरी से आम नागरिक की रक्षा करना है।

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