जनता को राहत, लेकिन सरकारी खजाने को झटका; इन योजनाओं पर पड़ेगा बुरा असर

Govt cut excise duty: सरकार ने आम आदमी को राहत देने के लिए एक्साइज ड्यूटी कम कर दी है, लेकिन इस कदम से सरकारी खजाने में ₹1.15 लाख करोड़ की कमी आने की उम्मीद है। यह घाटा इस बात का संकेत है कि इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और महत्वाकांक्षी कल्याणकारी योजनाओं के लिए आवंटित बजट में निकट भविष्य में बड़ी कटौती हो सकती है। अगर सरकार इस नुकसान की भरपाई के लिए कदम उठाने में नाकाम रहती है, तो देश का राजकोषीय घाटा अनुमानित लक्ष्य से 0.3 प्रतिशत ज़्यादा बढ़ सकता है। यह घाटा कुल बजट का 2.2 प्रतिशत है, जो कि एक बड़ी रकम है।

इन योजनाओं को बड़ा झटका

  • PM आवास योजना: इस योजना पर हुआ असल खर्च बजट में आवंटित रकम से कम रहा है। अब इस योजना में और कटौती की संभावना है।
  • जल जीवन मिशन: इस मिशन के लिए ₹67,000 करोड़ का प्रावधान किया गया था; हालांकि, असल खर्च उम्मीद से कम रहा है।
  • रेलवे और सड़क विकास: नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की गति धीमी होने की संभावना है।

क्या बजट का हिसाब-किताब बिगड़ जाएगा?

  • यह ₹1.15 लाख करोड़ की रकम देश के पूरे शिक्षा बजट (₹1.4 लाख करोड़) के लगभग बराबर है।
  • यह PM-KISAN योजना (₹63,500 करोड़) के लिए आवंटित फंड की रकम से दोगुना है।
  • यह आंकड़ा रेलवे विकास कार्यों के लिए तय किए गए फंड का 40 प्रतिशत, या रक्षा क्षेत्र के लिए आवंटित पूंजीगत खर्च का 50 प्रतिशत है।

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सब्सिडी की बड़ी चुनौती

जहां एक तरफ राजस्व में गिरावट आ रही है, वहीं दूसरी तरफ उर्वरक सब्सिडी का बोझ बढ़कर ₹1.7 लाख करोड़ हो गया है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमतें बढ़ती हैं, तो यह आंकड़ा और भी ऊपर जा सकता है।

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