राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग को लेकर पांचवें विधायक पर कार्रवाई की तैयारी में कांग्रेस

rajya sabha elections 2026: कांग्रेस पार्टी ने हाल ही में हुए राज्यसभा इलेक्शनों में क्रॉस वोटिंग के आरोप में जरनैल सिंह को पांचवें विधायक के रूप में पहचाना है। मतदान में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद पार्टी की अनुशासनात्मक समिति ने रतिया से विधायक सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह नोटिस क्रॉस वोटिंग प्रकरण की कांग्रेस की चल रही जांच के तहत जारी किया गया है, जिससे आंतरिक चिंताएं पैदा हुई हैं।
यह घटना पार्टी द्वारा हाल ही में हुए राज्यसभा इलेक्शनों में कथित तौर पर क्रॉस वोटिंग करने वाले हरियाणा के चार विधायकों को नोटिस जारी करने के एक दिन बाद हुई है। बुधवार को पार्टी ने आधिकारिक रुख का उल्लंघन करने वाले पांच विधायकों में से चार के नाम बताए थे, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। पांचवें विधायक का नाम तब तक उजागर नहीं किया गया था। गुरुवार को इनमें से दो विधायकों ने क्रॉस वोटिंग से इनकार किया और कहा कि उनके नाम बेवजह इस मामले में घसीटे जा रहे हैं।
विधायकों को एक सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा गया है।
पार्टी ने सभी पांच विधायकों को नोटिस मिलने के एक सप्ताह के भीतर जवाब देने और यह बताने का निर्देश दिया है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जानी चाहिए। नोटिस में कहा गया है कि पार्टी नेतृत्व के संज्ञान में यह बात आई है कि विधायकों ने कथित तौर पर निर्धारित प्रक्रियाओं और पार्टी द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों के विपरीत मतदान किया, जिसके परिणामस्वरूप उनके वोट रद्द या अमान्य हो गए हैं। नोटिस में कहा गया है कि यदि उनका आचरण सिद्ध हो जाता है, तो यह “पार्टी के आधिकारिक रुख को विफल करने के उद्देश्य से जानबूझकर किया गया विचलन” और “पार्टी अनुशासन का गंभीर उल्लंघन” है।
हरियाणा राज्यसभा चुनाव
यहां यह उल्लेखनीय है कि हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए सोमवार (16 मार्च) को मतदान हुआ था। भाजपा के संजय भाटिया ने एक सीट आसानी से जीत ली, जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार करमवीर सिंह बौध ने निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नंदाल के खिलाफ कड़े मुकाबले में दूसरी सीट हासिल की।
0 सीट लेकिन 19% वोट, भाजपा के इन चौंकाने वाले आंकड़ों ने केरल की राजनीति में मचाया तहलका
प्रभाव से बचने के प्रयास में कांग्रेस ने चुनाव से पहले अपने विधायकों को हिमाचल प्रदेश के एक कड़ी सुरक्षा वाले रिसॉर्ट में भेज दिया था। विधायक सोमवार सुबह ही मतदान करने के लिए चंडीगढ़ लौटे। पार्टी को एक सीट तो मिल गई, मगर क्रॉस वोटिंग की घटना ने हरियाणा इकाई के भीतर आंतरिक मतभेदों और गुटबाजी को उजागर कर दिया।



