इस फिल्म को अकेले देखने की गलती न करें, IMDb रेटिंग 8.1

south suspense movie: अगर आपको ऐसी फिल्में पसंद हैं जो अंत तक सस्पेंस बनाए रखें और हर सीन में नया शक पैदा करें, तो साउथ की फिल्म एवरु उसी तरह का अनुभव देती है। इस फिल्म में लगभग हर किरदार के पास कोई न कोई छिपा हुआ सच है। कहानी इस तरह आगे बढ़ती है कि दर्शक बार-बार अपना अंदाजा बदलने को मजबूर हो जाते हैं।

फिल्म देखते समय ऐसा लगता है कि आपने रहस्य समझ लिया है। मगर अगले ही पल कहानी एक नया मोड़ ले लेती है और पूरा खेल बदल जाता है। यही वजह है कि थ्रिलर फिल्मों के शौकीनों के बीच यह फिल्म काफी चर्चा में रहती है।

रिलीज के बाद भी बनी रही चर्चा

साल 2019 में आई यह फिल्म पारंपरिक थ्रिलर से अलग नजर आती है। निर्देशक वेंकट रामजी ने कहानी को इस तरह पेश किया है कि दर्शक शुरुआत से लेकर अंत तक जुड़े रहते हैं।

फिल्म की एडिटिंग और कहानी कहने का तरीका इसे खास बनाता है। सोशल मीडिया पर इसके कई छोटे-छोटे सीन वायरल हो चुके हैं। इसी कारण हिंदी दर्शकों के बीच भी इसका डब्ड वर्जन देखने की मांग बढ़ी है।

एक मर्डर केस से शुरू होती है पूरी कहानी

फिल्म की शुरुआत एक सनसनीखेज घटना से होती है। समीरा नाम की महिला पर पुलिस अधिकारी अशोक की हत्या का आरोप लगता है।

समीरा का कहना है कि उसने यह कदम अपनी जान बचाने के लिए उठाया क्योंकि उस पर हमला किया गया था। इसके बाद मामला जांच तक पहुंचता है और यहीं से कहानी असली मोड़ लेती है। पूरी फिल्म इसी केस की परतें खोलते हुए आगे बढ़ती है।

जांच के साथ खुलते हैं कई राज

इस केस की जांच की जिम्मेदारी विक्रम वासुदेव नाम के पुलिस अधिकारी को दी जाती है। यह अधिकारी ईमानदारी के बजाय भ्रष्टाचार के लिए ज्यादा चर्चित रहा है।

जैसे-जैसे वह जांच आगे बढ़ाता है, वैसे-वैसे कहानी में नए खुलासे होते जाते हैं। दर्शक के सामने सच और झूठ की रेखा धीरे-धीरे धुंधली होने लगती है। आखिर यह हत्या आत्मरक्षा का मामला था या इसके पीछे कोई बड़ी योजना छिपी थी, यह रहस्य अंत तक बना रहता है।

विदेशी फिल्म से ली गई प्रेरणा

फिल्म (evaru) की कहानी का ढांचा नॉन-लीनियर है। इसमें फ्लैशबैक और वर्तमान समय के दृश्य लगातार आते-जाते रहते हैं। यही तकनीक फिल्म को ज्यादा रोचक बनाती है।

कहा जाता है कि इसकी प्रेरणा स्पेन की फिल्म द इनविजिबल गेस्ट से ली गई है। हालांकि भारतीय दर्शकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए कहानी में कई बदलाव किए गए हैं। बैकग्राउंड म्यूजिक भी फिल्म के सस्पेंस को मजबूत बनाता है।

कहां महसूस हो सकती है थोड़ी कमी

फिल्म का क्लाइमैक्स काफी नाटकीय है। कुछ दर्शकों को वहां तर्क की कमी महसूस हो सकती है। कुछ घटनाएं थोड़ी बढ़ी-चढ़ी भी लग सकती हैं। इसके अलावा शुरुआती हिस्से की गति थोड़ी धीमी लग सकती है। कुछ दृश्य लंबे भी महसूस होते हैं। फिर भी सस्पेंस और ट्विस्ट की वजह से फिल्म अंत तक देखने लायक बनी रहती है।

कहां देख सकते हैं ये फिल्म

ये मूवी मर्डर मिस्ट्री जॉनर की मजबूत पेशकश मानी जाती है। इसे दर्शकों और समीक्षकों दोनों से अच्छे रिव्यू मिले थे। आईएमडीबी पर फिल्म की रेटिंग 8.1 बताई जाती है।

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फिल्म को अमेजन प्राइम और डेलीमोशन जैसे प्लेटफॉर्म पर देखा जा सकता है। हिंदी में देखने के लिए कई बार डब्ड वर्जन खोजकर देखना पड़ता है। फिलहाल बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म पर इसका आधिकारिक हिंदी संस्करण उपलब्ध नहीं है। हालांकि दर्शकों की ओर से इसकी लगातार मांग की जा रही है।

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