दुनिया देख रही थी भारत की ताकत, बीच में कांग्रेस ने कर दिया कांड; AI समिट में मची अफरातफरी की पूरी कहानी यहां

एआई इम्पैक्ट समिट में कांग्रेस के ‘शर्टलेस प्रोटेस्ट’ पर देश में सियासी विवाद गहरा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा बसपा और सपा ने भी इस पर नाराजगी जाहिर की है। राष्ट्र के अपमान का यह मुद्दा अब कांग्रेस नेतृत्व के गले की फांस बन गया है। दिल्ली में आयोजित एआई समिट में देश-विदेश से बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। इस दरम्यान यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा शर्टलेस प्रदर्शन किए जाने से एकाएक अफरातफरी मच गई थी। इस मसले पर अब सियासी हलचल तेज है। पीएम मोदी ने कांग्रेस की जमकर आलोचना की है। उन्होंने प्रमुख विपक्षी दल पर गंदी और नंगी राजनीति करने का आरोप मढ़ा है।
पीएम मोदी पिछले दो दिन से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं। शनिवार को वह गौतमबुद्ध नगर पहुंचे थे। जबकि रविवार को उन्होंने मेरठ का रुख किया। मेरठ में उन्होंने विपक्ष को जमकर धोया। वहीं,, एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जिस प्रकार की हरकत की, वह कतई क्षम्य नहीं है। शर्टलेस प्रोटेस्ट से दुनियाभर के मेहमानों के सामने भारत की छवि को धक्का लगा है।
जानें मायावती ने क्या प्रतिक्रिया दी
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हरकत अशोभनीय और निंदनीय है। बसपा प्रमुख ने कहा कि यदि यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर का नहीं होता तो अलग बात थी। समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी कांग्रेस के कदम पर असहमति व्यक्त की है।
हालांकि उन्होंने एआई समिट के दौरान चीन को रोबोट को भारत का बताकर प्रदर्शित करने पर सरकार की आलोचना की है। इसके इतर पिछले काफी समय से कांग्रेस अजीब तरह की राजनीति कर रही है। इसके बावजूद उसे लाभ की बजाए हानि उठानी पड़ रही है। एआई समिट के जरिए भारत ने समूची दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया था। इस बेहद महत्वपूर्ण अवसर पर विपक्ष को ओछी राजनीति करने से परहेज करना चाहिए था।
उधर, भारत एआई में भविष्य देख रहा है, इसलिए सरकार एआई पर निवेश को प्रोत्साहित कर रही है और इस प्रयास में है कि दुनिया भर की एआई कंपनियां भारत के साथ मिलकर काम करें। इस एआई सम्मेलन ने साफ किया कि भारत की तकनीकी क्षमता से दिग्गज एआई कंपनियां प्रभावित हैं। उन्हें भारत अपने लिए एक बड़ा बाजार भी दिख रहा है और मानव संसाधनों का स्रोत भी।
चैटजीपीटी के सबसे ज्यादा उपभोक्ता भारत में
अमेरिका के बाद चैटजीपीटी के सबसे ज्यादा उपभोक्ता भारत में हैं। इसे छात्रों से लेकर उद्योग जगत के नागरिक इस्तेमाल कर रहे हैं। भारत में चैटजीपीटी के साथ अन्य एआई टूल के उपयोगकर्ता तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका एक कारण यह भी है कि सरकार भी एआई टूल्स के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। सरकार की कोशिश है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग जगत के साथ शासन-प्रशासन और अन्य अनेक क्षेत्रों में भी एआई का इस्तेमाल हो। वर्तमान में दुनिया भर में जैसी तेजी के साथ एआई कंपनियों में निवेश हो रहा है, वैसी तेजी किसी अन्य सेक्टर में नहीं दिख रही।
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AI कंपनियां अपने एकाधिकार को बढ़ा रही हैं। इसी एकाधिकार के कारण उनके स्टाक बढ़ते जा रहे हैं और उनमें निवेश भी बढ़ रहा है। अमेरिकी कंपनियों की कुछ हद तक काट चीन की एआई कंपनियां कर रही हैं, मगर अभी उनका वैसा दबदबा नहीं है। एआई आज वक्त की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक नजर आ रहा है।



