अफगानिस्तान से चीन तक सबने फेरा मुंह, जानें क्यों डूब रही है पाकिस्तान की नैया
pak foreign policy 2026: पाकिस्तान में शहबाज शरीफ की सरकार पर मौलाना फजलुर रहमान का कड़ा हमला, विदेश नीति की विफलता और CPEC पर सवाल। जानिए पाकिस्तान की राजनीतिक स्थिति पर क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ।

pak foreign policy 2026: पाकिस्तान की राजनीतिक स्थिति इन दिनों काफी गर्म है। देश में बढ़ती आर्थिक परेशानी और विदेश नीति की विफलता ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार को अंदरूनी दबाव में ला दिया है।
खासकर जब भारत और अमेरिका के बीच हालिया व्यापारिक समझौते के बाद पाकिस्तान में कई सवाल उठ रहे हैं। सैन्य प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अमेरिकी प्रशासन के साथ घनिष्ठ रिश्तों के बावजूद पाकिस्तान को कोई बड़ा लाभ नहीं मिला। दूसरी ओर, भारत ने अमेरिका से एक महत्वपूर्ण सौदा हासिल किया। इस असफलता को लेकर पाकिस्तान सरकार को सोशल मीडिया पर खासा ट्रोल किया जा रहा है।
मौलाना फजलुर रहमान का कड़ा बयान
पाकिस्तान के वरिष्ठ धर्मगुरु और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (JUI-F) के नेता मौलाना फजलुर रहमान ने शहबाज सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पाकिस्तान की विदेश नीति दशकों से विफल रही है और इस कारण न केवल पाकिस्तान के पड़ोसी बल्कि उसके पुराने दोस्त भी अब दूर हो चुके हैं।
एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलते हुए फजलुर रहमान ने पाकिस्तान की रणनीतिक सोच पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान ने कभी यह नहीं सोचा कि हमारी अफगान नीति क्यों विफल हुई, वहीं अफगानिस्तान के साथ संबंधों का असर हमारे पूरे क्षेत्रीय दृष्टिकोण पर पड़ा।”
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देश की विदेश नीति में बदलाव की जरूरत
मौलाना फजलुर रहमान ने पाकिस्तान की विदेश नीति को लेकर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज भारत, अफगानिस्तान, ईरान और चीन सभी पाकिस्तान से नाराज हैं। उन्होंने कहा कि ये स्थिति यह दिखाती है कि हमारी विदेश नीति में ऐसी गहरी असफलताएँ हैं, जो न केवल हमारे पड़ोसियों से बल्कि हमारे वैश्विक साझेदारों से भी विश्वास खोने का कारण बन रही हैं। उनका मानना है कि पाकिस्तान को ऐसे बिंदु पर खड़ा कर दिया गया है जहां विदेश नीति की नाकामी का असर देश की आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक ताने-बाने पर भी पड़ रहा है।



