बिहार के इस गांव से अचानक गायब हो रहे हैं सारे मर्द, किस बात का है डर

बिहार के दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना इलाके के हरिनगर गांव में पैसे के विवाद को लेकर हिंसक झड़प हो गई। इसके बाद गांव के 70 घरों के मर्द अब गांव छोड़कर चले गए हैं। फिलहाल इस घर में कोई मर्द मौजूद नहीं है। हिंसा के बाद गांव में तनाव और दहशत का माहौल है। इसके अलावा, सुरक्षा के लिए गांव में बड़ी संख्या में पुलिस भी तैनात है।
इस मामले में 70 जाने-माने ब्राह्मणों समेत करीब 150 अज्ञात लोगों के विरुद्ध FIR दर्ज की गई है। गिरफ्तारी के डर से गांव के 70 घरों में एक भी मर्द मौजूद नहीं है। गांव में आम जनजीवन ठप हो गया है। दुकानें बंद हैं। लोगों को जरूरी सामान भी नहीं मिल रहा है।
लोग डर के साये में गांव में रह रहे हैं। हरिनगर गांव में रहने वाली एक महिला ने कहा कि हमारे गांव में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। हम सब मिलजुलकर रहते थे मगर अचानक सब कुछ बदल गया। गांव में पूरी तरह तनाव है।
गांव पंचायत के मुखिया विमल चंद्र खान ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर 30 जनवरी को हुई घटना के बाद पुलिस ने समय पर कार्रवाई की होती, तो 31 जनवरी को इतनी बड़ी घटना नहीं होती। SSP जगुनाथ रेड्डी ने भरोसा दिलाया कि पुलिस किसी भी बेगुनाह के विरुद्ध कार्रवाई नहीं करेगी।
असल में क्या हुआ था?
अशर्फी पासवान की पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, 2015 में घर बना रहे मजदूरों के बकाए पैसे को लेकर झगड़ा हुआ था। मेरे बेटे विक्रम पासवान ने हेमकांत झा का घर बनाया था, मगर आरोप है कि उसने 2.50 लाख रुपये की मजदूरी नहीं दी थी।
30 जनवरी को जब हेमकांत झा का दामाद गांव आया, तो पासवान ने झा से पैसे मांगे। इसी बात पर दोनों के बीच बहस हो गई। बहस इतनी बढ़ गई कि 31 जनवरी को गांव में हिंसक झड़प हो गई। कई लोग हाथों में लाठी-डंडे और लोहे की रॉड लेकर पासवान के घर में घुस गए और उनके परिवार पर हमला कर दिया और पासवान को पीटा।
पासवान के परिवार की महिलाओं के साथ बुरा बर्ताव किया गया। आरोप है कि घर में लूटपाट भी की गई। पासवान की शिकायत के आधार पर गांव के 70 जाने-माने ब्राह्मणों और 100-150 अनजान लोगों के विरुद्ध SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
31 जनवरी की रात को पैसे के झगड़े को लेकर गांव में बड़ी झड़प हो गई। इस हिंसा में 10 से ज़्यादा लोग घायल हो गए। अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की कार्रवाई अभी भी जारी है। गांव में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हालांकि अभी गांव में तनाव है, मगर पुलिस ने हालात पर काबू पा लिया है।
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31 तारीख को गांव में पासवान और ब्राह्मण समुदाय के बीच बकाया वेतन को लेकर हिंसक तनाव हो गया। ब्राह्मण समुदाय के बड़ी संख्या में लोगों ने पासवान परिवार पर हमला कर दिया। उन्होंने उनकी दुकान और घर का सामान तोड़ दिया। हेमकांत झा और कैलाश पासवान के बीच पैसे का झगड़ा था। मगर ब्राह्मण समुदाय का आरोप है कि हेमकांत की बहन और उसके पति को बीच सड़क पर रोककर पीटा गया और बेइज्जत किया गया।
पैसों को लेकर शुरू हुआ झगड़ा सांप्रदायिक हिंसा में बदल गया। पुलिस ने ऐसे लोगों को दोषी बताया है जो घटना के समय गांव में मौजूद भी नहीं थे। आरोप है कि जो दोषी हैं उन्हें बरी किया जा रहा है, जबकि दूसरों को जानबूझकर केस में फंसाया जा रहा है। मगर गांव के पुरुष गिरफ्तारी के डर से फरार हैं।


