साइना नेहवाल ने बैडमिंटन को कहा अलविदा, जानें कब कब रचा इतिहास

Saina Nehwal Retirement: बैडमिंटन क्वीन साइना नेहवाल जिन्होंने भारतीय बैडमिंटन को दुनिया के नक्शे पर सम्मान की जगह दिलाई है, उन्होंने कॉम्पिटिटिव बैडमिंटन से रिटायरमेंट की घोषणा की।

पिछले कई दिनों से घुटने की चोटों से जूझ रही साइना ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उनका शरीर उनका साथ नहीं दे रहा था और इससे उनका करियर खत्म हो गया। साइना पिछले दो साल से घुटने की पुरानी समस्या से जूझ रही थीं। उन्होंने अपना आखिरी मैच 2023 सिंगापुर ओपन में खेला था।

एक पॉडकास्ट में बात करते हुए साइना ने साफ कहा कि मेरे घुटने की चोट गंभीर है और मुझे आर्थराइटिस है। अपना बेस्ट खेलने के लिए, आपको दिन में 8 से 9 घंटे प्रैक्टिस करने की ज़रूरत होती है। लेकिन मेरा घुटना सिर्फ एक या दो घंटे में ही जवाब दे रहा था। उसमें सूजन भी आ रही थी। इसलिए, मेरे लिए और प्रैक्टिस करना मुश्किल हो गया। यदि आपका शरीर आपका साथ नहीं दे रहा है, तो रुक जाना ही बेहतर है।

2012 में ऐसा करने वाली पहली भारतीय बनीं थी

साइना नेहवाल ने 2012 लंदन ओलंपिक्स में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। वह ओलंपिक्स में बैडमिंटन मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। 2016 रियो ओलंपिक्स में उन्हें गंभीर चोट लगी थी मगर उन्होंने पक्के इरादे से वापसी की और 2017 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। इसके बाद उन्होंने 2018 में कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता।

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पूर्व वर्ल्ड नंबर वन साइना ने कहा कि उन्होंने अपने माता-पिता और कोच को अपनी फिजिकल कंडीशन के बारे में साफ-साफ बता दिया था। उनका मानना ​​था कि कॉम्पिटिशन से उनकी गैरमौजूदगी फैंस को रिटायरमेंट की फॉर्मल घोषणा से कहीं ज़्यादा बताएगी। साइना के इस फैसले से इंडियन बैडमिंटन के एक सुनहरे दौर का अंत हुआ है, और उनके योगदान के लिए स्पोर्ट्स की दुनिया से उनकी तारीफ हो रही है।

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