सरकारी रास्ते पर टकराव: महिलाओं पर एसडीएम से दुर्व्यवहार का आरोप

मऊ जनपद के मधुबन तहसील क्षेत्र अंतर्गत काठतराव गांव में वर्षों से चला आ रहा खड़ंजा और सार्वजनिक रास्ते का विवाद सोमवार को उस समय गंभीर रूप ले बैठा, जब जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रशासनिक टीम मौके पर रास्ता खुलवाने पहुंची।
गांव के एकमात्र सार्वजनिक मार्ग को लेकर चल रही कार्रवाई के दौरान अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया और विरोध कर रही महिलाओं ने राजस्व कर्मियों व अधिकारियों का घेराव कर लिया। जानकारी के अनुसार करीब 30 मीटर लंबे सार्वजनिक रास्ते को अतिक्रमण से मुक्त कर खड़ंजा निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जा रही थी। जैसे ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा, कुछ ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया।
इस दौरान महिलाओं ने आगे बढ़कर शारीरिक प्रतिरोध किया, जिससे मौके पर धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक देखने को मिली। पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और भी चर्चा में आ गया। घटना के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद था, बावजूद इसके काफी देर तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ सकी। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने अतिरिक्त सतर्कता बरती और अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
इस मामले में उपजिलाधिकारी मधुबन राजेश अग्रवाल ने बताया कि कार्रवाई के दौरान महिलाओं द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और कॉलर तक पकड़ ली गई। उन्होंने कहा कि यह शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला है, जिस पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी मधुबन अभय सिंह भी मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था संभाली। उन्होंने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की और प्रशासनिक कार्रवाई में सहयोग करने को कहा।एसडीएम राजेश अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि जिस खड़ंजे का निर्माण कराया जा रहा है, वह पूरे गांव का एकमात्र सार्वजनिक मार्ग है।
इस रास्ते पर वर्ष 2023 और 2024 में सरकारी धन खर्च किया जा चुका है। खंड विकास अधिकारी द्वारा भी लिखित रूप से इसकी पुष्टि की गई है। उन्होंने बताया कि विजयशंकर तिवारी और उनके परिजन बार-बार न्यायालय के आदेश का हवाला देकर कार्य रुकवाने का प्रयास कर रहे थे, जबकि अपर आयुक्त द्वारा स्पष्ट आदेश जारी किए गए हैं कि उक्त सार्वजनिक मार्ग का निर्माण कराया जाए। प्रशासन का कहना है कि नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है और किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।



