नेशनल हेराल्ड केस में FIR के बाद गुजरात से आई सबसे बुरी खबर

संकट में घिरी कांग्रेस को झटके पर झटके लग रहे हैं। बहुचर्चित नेशनल हेराल्ड केस में जहां सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर एफआईआर दर्ज की गई है, वहीं गुजरात में ‘नई कांग्रेस’ बनाने का ऐलान कर दिया गया है। संसद के शीतकालीन सत्र से पहले यह घटनाक्रम सामने आने से सियासत गरमा गई है। नई दिल्ली से गुजरात तक सियासी हलचल तेज है। सत्ता पक्ष और विपक्ष में जुबानी जंग शुरू हो चुकी है।

नेशनल हेराल्ड केस में दो हजार करोड़ रुपए की संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर विवाद गहराया था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा इस प्रकरण की जांच-पड़ताल की जा रही है। फिलहाल दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा नई एफआईआर दर्ज किए जाने पर सियासी तूफान सामने है। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को बदले की राजनीति करार देकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा कि मोदी-शाह की जोड़ी कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ उत्पीड़न, धमकी और प्रतिशोध की अपनी राजनीति जारी रखे है।

निरंतर बढ़ रही सोनिया-राहुल की मुश्किलें

वहीं, अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा है कि प्राथमिकी न तो नई शराब है, न नई बोतल और न ही नया गिलास। यह एक ऐसा अनोखा मामला है, जहां न तो कोई पैसा इधर-उधर हुआ, न कोई अचल संपत्ति हस्तांतरित हुई, फिर भी धन शोधन का मामला खोज लिया गया। अलबत्ता जयराम और अभिषेक ने सोनिया-राहुल का बचाव करने का हरसंभव प्रयास किया है। हालांकि इस मामले में आरोपियों की मुश्किलें निरंतर बढ़ रही हैं। कांग्रेस के लिए दूसरी बुरी खबर गुजरात से है। जहां कांग्रेस के दिवंगत नेता अहमद पटेल के बेटे फैसल पटेल ने सनसनीखेज ऐलान कर दिया है।

अहमद पटेल लंबे समय तक सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार रहे थे। उनके निधन के बाद से पटेल परिवार की गांधी परिवार से दूरियां बढ़ती चली गईं। वैसे फैसल की बहन मुमताज कांग्रेस से जुड़ी हैं। फैसल ने गुजरात में कांग्रेस एपी (अहमद पटेल) बनाने की घोषणा कर सियासी तापमान बढ़ा दिया है। इसके पहले गुजरात में भाजपा को मात देने के इरादे से राहुल गांधी भी इस प्रकार का प्रयोग कर चुके हैं। उन्होंने भी नई कांग्रेस बनाने की बात की थी।

फैसल ने बहन मुमताज को भी नई कांग्रेस से जोड़ने की योजना बताई है। जबकि मुमताज ने किसी नए राजनीतिक दल में जाने से साफ इनकार कर दिया है। कुल मिलाकर गुजरात में पुरानी कांग्रेस को नई कांग्रेस से टक्कर मिलना तय है। इससे पार्टी हाईकमान की बेचैनी बढ़ना स्वाभाविक है। गुजरात को भाजपा का अभेद किला माना जाता है। इस राज्य में काफी समय से सत्ता की चाबी भाजपा के पास है।

और ऐसे बढ़ी कांग्रेस आलाकमान की परेशानी

भाजपा को सत्ता से बेदखल करने की आम आदमी पार्टी (आप) की कोशिश भी नाकाम रही है। बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के गम को कांग्रेस अभी पूरी तरह से दूर भी नहीं कर पाई थी कि कर्नाटक में सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बीच मनमुटाव की खबरों ने कांग्रेस आलाकमान की परेशानी बढ़ा दी।

Salary Doubled: सरकार ने BLO की बढ़ा दी सैलरी, जानें कितना इजाफा हुआ

इस दरम्यान सिद्धारमैया और शिवकुमार ने अचानक ‘लंच टेबल’ पर साथ आकर तनातनी की अटकलों को दूर करने का प्रयास किया। ऐसे में अब नेशनल हेराल्ड केस और गुजरात में नई कांग्रेस की तैयारी की खबरों ने निश्चित रूप से सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे जैसे सीनियर नेताओं की चिंता और बढ़ा दी है।

Related Articles

Back to top button